एक और वादा, एक और डेडलाइन देने से पहले भाजपा शासित राज्यों में नशे की तस्करी का हिसाब दे केंद्र: रंधावा
रंधावा ने कहा- मेरी चिट्ठियों का जवाब तो दिया नहीं, आज पंजाब में हैं तो पंजाब के सवालों से न भागें
अगर पंजाब दौरा सिर्फ राजनीतिक है तो मेरी ओर से आपको सुखद यात्रा की शुभकामनाएः रंधावा
चंडीगढ़, पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे पर सवालों की बौछार करते हुए कहा कि दिल्ली में बैठकर पंजाब के गंभीर मुद्दों पर उनकी ओर से लिखी गई चिट्ठियों का जवाब नहीं दिया गया, लेकिन आज अमित शाह खुद पंजाब आए हैं। ऐसे में उन्हें राजनीतिक भाषण देने से पहले पंजाब की जनता के उन सवालों के जवाब देने चाहिए, जो लंबे समय से अनसुलझे हैं।
रंधावा ने कहा कि भाजपा पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब’ के नाम पर यात्रा निकाल रही है, लेकिन पंजाब को नारों और यात्राओं से ज्यादा जमीन पर कार्रवाई और नतीजों की जरूरत है। केंद्रीय गृह मंत्री को पंजाब आकर यह बताना चाहिए कि सीमा पार से आने वाले नशे और हथियारों की सप्लाई लाइन को तोड़ने के लिए केंद्र ने क्या किया है और आगे क्या करने जा रहा है।
रंधावा ने कहा कि अमित शाह अगर आप वास्तव में पंजाब के हितैषी हैं तो सख्त कदम उठाएं, सीमा पर सप्लाई लाइन तोड़ें, विदेशों में बैठे हैंडलरों को भारत लाएं और पंजाब को नतीजे दें। लेकिन अगर पंजाब आना सिर्फ राजनीतिक दौरे और भाषण तक सीमित है, तो मेरी ओर से आपको आपकी सुखद यात्रा की शुभकामनाएं हैं।
भाजपा शासित राज्यों में नशे की तस्करी ज्यादा
पंजाब को 31 दिसंबर 2029 तक नशा मुक्त करने की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डेडलाइन पर रंधावा ने कहा कि पंजाब को एक और वादे या डेडलाइन की जरूरत नहीं है। नई डेडलाइन देने से पहले केंद्र को भाजपा शासित राज्यों में नशे की तस्करी और बरामदगी के बारे में भी देश को जवाब देना चाहिए। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर 2021 में 2,988 किलोग्राम से अधिक हेरोइन की बरामदगी हुई थी, जबकि कांडला पोर्ट पर 205.6 किलोग्राम हेरोइन और पिपावाव में हेरोइन-लिपटे धागे की खेप पकड़ी गई। महाराष्ट्र के न्हावा शेवा पोर्ट पर भी 293 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी दर्ज हुई थी।
अमित शाह से रंधावा ने मांगें इन सवालों के जवाब
*जब अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा बीएसएफ के जिम्मे है, तो सीमा पार से ड्रोन के जरिए पंजाब में नशे और हथियार पहुंचाने वाली सप्लाई चेन पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हुई? पंजाब में आज भी सीमा पार से ड्रोन आने और नशे व हथियार पहुंचने की घटनाएं सामने क्यों आ रही हैं?
*एंटी-ड्रोन तकनीक को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे काम के जमीनी नतीजे क्या हैं? सीमा पर तैनात तकनीक कितनी प्रभावी साबित हुई है और पूरी सीमा पट्टी को प्रभावी एंटी-ड्रोन कवरेज आखिर कब तक मिलेगा?
*पंजाब की जेलों के भीतर से और विदेशों में बैठकर फिरौती, हत्याओं और संगठित अपराध के नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ केंद्र सरकार की क्या रणनीति है? विदेशों में बैठे गैंगस्टरों और उनके हैंडलरों को भारत वापस लाने के लिए अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई और यह कार्रवाई कितनी आगे पहुंची है?
*सितंबर महीने में ही पंजाब के सीमावर्ती जिलों से 100 किलो से अधिक हेरोइन बरामद होने का आंकड़ा सामने आया है। अगर सीमा पर केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है, तो यह जहर पंजाब के अंदर तक कैसे पहुंच रहा है? क्या केंद्र सरकार सिर्फ बरामदगी के आंकड़े गिनाएगी या उस पूरी सप्लाई चेन और उसके पीछे बैठे नेटवर्क को भी खत्म करेगी?
*पुलिस थानों, चौकियों और अन्य स्थानों पर हुए ग्रेनेड हमलों के पीछे मौजूद नेटवर्क और विदेशी हैंडलरों तक पहुंचने के लिए केंद्र सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं? इन हमलों के पीछे कौन से नेटवर्क हैं, उन्हें वित्तीय मदद कौन दे रहा है और उनके विदेशी हैंडलरों तक केंद्रीय एजेंसियां कब पहुंचेंगी?
*विदेशों में बैठे गैंगस्टरों और उनके हैंडलरों को भारत वापस लाने की कार्रवाई आखिर कितनी आगे बढ़ी है? क्या केंद्र सरकार के पास ऐसे अपराधियों को भारत लाने की कोई समयबद्ध रणनीति है या फिर यह मुद्दा भी सिर्फ राजनीतिक भाषणों तक सीमित रहेगा?
*यह भी पूछा कि नशे, हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ बीएसएफ, एनआईए, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और पंजाब पुलिस के बीच समन्वय को और मजबूत करने का केंद्र सरकार का रोडमैप क्या है? क्या इस संबंध में कोई संयुक्त और समयबद्ध रणनीति तैयार की गई है? अगर तैयार की गई है तो उसके नतीजे पंजाब की जनता के सामने कब रखे जाएंगे?


