ढिल्लों रिजॉर्ट की बैकसाइड पर काटी अवैध कालोनी, पूर्व विधायक और कांग्रेसी नेताओं ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

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कार्रवाई नहीं होने पर देंगे निगम दफ्तर में धरना, एनओसी रद्द करने की मांग की

12 एकड़ की कथित अवैध कालोनी के साथ 7 एकड़ और जोड़ी, सो रहा निगम प्रशासनः बेरी

अप्रैल में हुए थे कालोनी को ध्वस्त करने के आदेश, फिर कैसे मिली कालोनी को एनओसीः जस्सल

जालंधर, रामामंडी के ढिल्लवां रोड पर बने ढिल्लों पैलेस की बैकसाइड पर काटी गई कथित अवैध कोलानी एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। 12 एकड़ में काटी गई इस कालोनी को सात महीने पहले ध्वस्त करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन कालोनी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा कालोनी को 7 एकड़ जमीन और जोड़कर एक्सटेंड कर दिया गया है। यह आरोप जिला कांग्रेस कमेटी के शहरी प्रधान और पूर्व विधायक राजिंदर बेरी और कांग्रेसी नेता मनदीप जस्सल ने लगाए।

उन्होंने इस अवैध कालोनी पर कार्रवाई की मांग करते हुए नगर निगम अधिकारी डॉ. सुमनदीप कौर को ज्ञापन सौंपा। 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर नगर निगम का घेराव करने और धरने पर बैठने की चेतावनी दी। इस मौके पर उनके साथ पूर्व पार्षद जगदीश दकोहा और विजय दकोहा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। निगम अधिकारी डॉ. सुमनदीप कौर ने आश्वासन दिलाया कि जल्द इस कालोनी पर कार्रवाई की जाएगी।

अप्रैल में हो चुके हैं ध्वस्त करने का आदेश जारी

मनदीप जस्सल ने आरोप लगाया कि ढिल्लों रिसोर्ट के पीछे पहले 12 एकड़ में बिना नगर निगम की मंजूरी के कालोनी काटी गई थी। इसकी शिकायत के बाद नगर निगम न इसे अप्रैल महीने में गिराने का आदेश जारी किए थे। लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की गई। नगर निगम के अफसरों की मिलीभगत के चलते इस कालोनी को एनओसी भी दे दी गई। जोकि पूरी तरह अवैध है। इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कालोनी को गिराना तो दूर कालोनाइजरों ने उल्टा 7 एकड़ कालोनी और एक्सटेंड कर ली है।

निगम का लगाया जा रहा करोड़ों का चूनाः बेरी

पूर्व विधायक राजिंदर बेरी ने कहा कि नगर निगम के अफसरों की मिलीभगत के चलते निगम को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। निगम कमिश्नर और मेयर सो रहे हैं। इन अवैध कालोनियों पर कार्रवाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस बिना मंजूरी काटी गई कालोनी से निगम को तो नुकसान हो रहा है, आम लोग भी अपने पैसे फंसा रहे हैं। इस कालोनी पर तुरंत बनती कार्रवाई की जानी चाहिए। कालोनी को लेकर जारी की गई एनओसी को भी तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।

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