आप नेता दीपक बाली का पुतला फूंका, भगवान वाल्मीकि जी के अपमान के आरोप में समाज का गुस्सा फूटा

आज की ताजा खबर धर्म
Spread the love

पोस्टरों और तस्वीरों से कथित छेड़छाड़ पर वाल्मीकि समाज में भारी रोष

सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और उचित कार्रवाई  की मांग

जालंधर, भगवान वाल्मीकि जी की शोभायात्रा से जुड़े पोस्टरों और तस्वीरों के साथ कथित छेड़छाड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। इसी मामले में आज वाल्मीकि समाज के लोगों ने जालंधर के भगवान वाल्मीकि चौक में आम आदमी पार्टी के नेता एवं जालंधर कैंट हलका इंचार्ज दीपक बाली का पुतला फूंककर जोरदार प्रदर्शन किया और अपना रोष जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शोभायात्रा के दौरान लगाए गए फ्लेक्स बोर्डों पर भगवान वाल्मीकि जी की तस्वीर के साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिससे समाज की धार्मिक भावनाओं और सम्मान को ठेस पहुंची है।

प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधि सोमा गिल ने बताया कि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर शहर में बड़े हर्षोल्लास के साथ शोभायात्रा निकाली गई थी। इस दौरान दीपक बाली की ओर से लगाए गए फ्लेक्स बोर्डों पर धार्मिक प्रतीकों और भगवान वाल्मीकि जी की तस्वीरों के साथ कथित छेड़छाड़ की गई। आरोप है कि कुछ बोर्डों पर झाड़ू का चुनाव चिह्न लगाया गया और गेट पर भगवान वाल्मीकि जी की तस्वीर के ऊपर दीपक बाली की तस्वीर लगाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भगवान वाल्मीकि जी की तस्वीर को उचित सम्मानजनक स्थान नहीं दिया गया।

सोमा गिल ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने पहले ही सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्ति जताते हुए पोस्टर हटाने की मांग की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि इस मामले में पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी गई, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दीपक बाली की ओर से माफी मांगने की बात कही जा रही है, लेकिन माफी मांगने का तरीका समाज को स्वीकार्य नहीं है। धार्मिक भावनाओं से जुड़े ऐसे गंभीर मामले में केवल औपचारिकता निभाने के बजाय सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार कर समाज से सम्मानपूर्वक माफी मांगी जानी चाहिए।

वाल्मीकि समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी राजनीतिक दल या विचारधारा के खिलाफ नहीं, बल्कि भगवान वाल्मीकि जी के सम्मान और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई और समाज को संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने पुतला फूंककर समाज की एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि भगवान वाल्मीकि जी के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *