पठानकोट में दर्दनाक हादसा

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दोनों लाशों को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया

3 साल पहले दीक्षित की शादी हुई थी और एक साल की छोटी सी बेटी है

क्रिकेट का शौकीन दीक्षित ग्रेजुएट था और बढ़िया कारोबार चला रहा था

स्थानीय लोगों के मुताबिक राधे श्याम और बेटा किरयाना शॉप चलाते थे

पठानकोट

पठानकोट के भोआ मोहल्ला सराईं में आगजनी में पिता-पुत्र की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान 60 साल के राधेश्याम और उनके 31 साल के बेटे दीक्षित शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोनों लाशों को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। लोगों के मुताबिक दीक्षित अपने मा-बाप का इकलौता बेटा था। 3 साल पहले उसकी शादी हुई थी और एक साल की उसकी छोटी सी बेटी है। क्रिकेट का शौकीन दीक्षित ग्रेजुएट था और अपने पिता के साथ बढ़िया कारोबार चला रहा था। लेकिन, इस हादसे ने परिवार खाली कर दिया।

दुकान में सुबह-सुबह लगी आग

स्थानीय लोगों के मुताबिक राधे श्याम और उनका बेटा किरयाने की दुकान चलाते थे। वीरवार सुबह-सुबह 5 बजे उनकी दुकान में आग लग गई। दोनों पिता-पुत्र दुकान पर पहुंचे तो देखा कि दुकान की पहली मंजिल पर आग लगी हुई है। जिसके बाद दोनों आग बुझाने के लिए ऊपर चले गए।

आग बुझाने गए, पर लौटे ही नहीं

पर जब 2 घंटे तक दोनों में से कोई भी नीचे नहीं आया तो लोगों और परिवार को चिंता होने लगी। जिसके बाद कुछ युवक दूसरे घर की छत से शर्मा जनरल स्टोर की दुकान की छत पर गए। घटना के 2 से अढ़ाई घंटे बाद हथौड़े से दरवाजे के कब्जे उखाड़े गए और फिर दरवाजा खोल पाए।

एंबुलेंस से अस्पताल में पहुंचाया

जब दरवाजा खोला तो देखा कि राधे शाम और उनका बेटा दीक्षित शर्मा बेसुध पड़ा था। दोनों बुरी तरह झुलस चुके थे। लोगों ने तुरंत उन्हें ऊपर खींचा और एंबुलेंस से सिविल अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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