श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष AAP विधायकों की पेशी ने बेअदबी विरोधी कानून की सच्चाई उजागर कर दी : सुखमिंदर राजपाल

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सरकार के दावों और हकीकत के बीच का अंतर आज पूरे पंजाब ने देखा

बिना पढ़े विधेयक पारित करने की स्वीकारोक्ति लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़

JALANDHAR.

शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुखमिंदर सिंह राजपाल ने कहा कि आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष आम आदमी पार्टी के विधायकों की पेशी ने पंजाब सरकार द्वारा प्रस्तावित बेअदबी विरोधी कानून की वास्तविकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने इस कानून को सिख भावनाओं की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए व्यापक प्रचार किया था, लेकिन आज उसी पार्टी के विधायकों को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना पड़ा। आज की पूरी घटना सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है।

पंथक मर्यादा के प्रति सम्मान जरूरी

राजपाल ने कहा कि यह घटनाक्रम स्पष्ट करता है कि सिख पंथ से जुड़े अत्यंत संवेदनशील मुद्दों का समाधान केवल कानून बनाकर या राजनीतिक प्रचार से नहीं किया जा सकता। इसके लिए सच्ची नीयत, जवाबदेही, गंभीरता और पंथक मर्यादा के प्रति सम्मान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का बेअदबी विरोधी कानून वास्तव में उतना प्रभावी और सर्वस्वीकार्य होता, जितना दावा किया गया था, तो संगत के मन में उठे सवालों का जवाब देने के लिए पार्टी के विधायकों को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।

पढ़े बिना ही पक्ष में किया मतदान

राजपाल ने कहा कि सबसे गंभीर और चिंताजनक तथ्य यह है कि कई आम आदमी पार्टी के विधायकों ने स्वयं स्वीकार किया कि उन्होंने विधेयक को पढ़े बिना ही उसके पक्ष में मतदान कर दिया। यह केवल विधायी प्रक्रिया की गरिमा पर प्रश्नचिह्न नहीं लगाता, बल्कि पंजाब की जनता द्वारा दिए गए जनादेश और उनके विश्वास के प्रति गंभीर लापरवाही को भी दर्शाता है।

श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च पंथक संस्था

उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च पंथक संस्था है। आज की पेशी ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि सिख समाज से जुड़े मामलों को राजनीतिक लाभ, प्रचार या दिखावे का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। ऐसे विषयों का समाधान केवल ईमानदार मंशा, पंथक मर्यादा के सम्मान और जवाबदेह नेतृत्व से ही संभव है। राजपाल ने कहा कि पंजाब की जनता अब केवल घोषणाओं और प्रचार से नहीं, बल्कि सरकार के आचरण और जवाबदेही से उसका मूल्यांकन करेगी।

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