मुबारकपुर रजिस्ट्री कांड : 110 गलत रजिस्ट्रियों के मामले में दोनों आरसी सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में तलब, जवाब के लिए मांगा समय

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दोनों आरसी नहीं दे पाए चिट्ठी के मामले में स्पष्ट जवाब

पांच साल तक होती रही रोक के बावजूद रजिस्ट्रियां, जेडीए ने लगाई थी रोक

जालंधर। गांव मुबारकपुर कृष्णा नगर एन्क्लेव में 5 साल तक हुई 110 गलत रजिस्ट्रियों की जांच ने तेजी पकड़ ली है। मामला चंडीगढ़ पहुंच चुका है। रेवेन्यू विभाग तरफ से की जा रही जांच के चलते इस मामले से जुड़े दोनों आरसी मुनीष शर्मा और आरसी जतिंदर कुमार को सब रजिस्ट्रार दफ्तर में तलब भी किया गया है।

उनसे इन रजिस्ट्रियों के लेकर डिस्पैच और अन्य रिकॉर्ड तलब कर लिया गया है। इन दोनों ने रिकॉर्ड जमा करवाने के लिए दो दिन का समय मांगा है। उनकी तरफ से रिकॉर्ड मुहैया करवाने का इंतजार है। उसी के मुताबिक अगला एक्शन लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार बता दें कि तलबी के दौरान आरसी मनीष शर्मा और आरसी जितेंद्र कुमार को सब रजिस्ट्रार दफ्तर ने सब रजिस्ट्रार दफ्तर एक की ओर से साल 2021 की चिट्ठी के संबंध में जवाब-सवाल किए। दोनों आरसी से चिट्ठी के डिस्पैच और रजिस्टर इंद्राज से जुड़ी जानकारी मांगी गई है हालांकि इस संबंध में दोनों आरसी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने जवाब प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का समय मांगा है।

पांच साल पहले जेडीए ने लगाई थी रोक

इस इलाके में जालंधर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने 27 अगस्त 2021 को पत्र जारी कर तहसीलदार और सब-रजिस्ट्रार-1 को मुबारकपुर कृष्णा नगर एन्क्लेव में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बावजूद पांच साल तक रजिस्ट्रियां होती रहीं।

चंडीगढ़ तलब किया जा चुका है रिकॉर्ड

सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आरसी इंद्र समेत शेखे गांव के पटवारी गुरप्रीत सिंह, कानूनगो अवनिंदर सिंह और तहसील-1 के मुलाजिम साल 2021 से अब तक उक्त चिट्ठी से लेकर रजिस्ट्रियां, जमाबंदी का सारा रिकॉर्ड लेकर चंडीगढ़ तबल हो चुके हैं। वहीं एमआर-1 कार्यालय की तरफ से बीते बुधवार को करीब 98 रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड सब्मिट किया गया था। उसमें कई रिकॉर्ड अधूरे थे। अब सोमवार को दोबारा


क्लर्क से लेकर आरसी तक ऐसी पहुंची चिट्ठी

रजिस्ट्र में दर्ज एंटी के मुताबिक 1 सितंबर 2021 को तहसलीदार जालंधर-1 में पत्र एक महिला क्लर्क की तरफ से रिसीव किया गया था। वहां से पत्र तहसीलदार की तरफ से आरसी व दफ्तर कानूनगो को मार्क किया गया। यहां से पत्र कानूनगो अश्वनी कुमार और फिर फील्ड कानूनगो जालंधर-1 अजीत सिंह को 8 सितंबर 2021 को मिला। उनके पास से पटवारी विशाल कुमार को सर्कल सेखों भेजा, लेकिन पटवारी ने इसका कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया। पटवारी सर्कल सेखों से यह पत्र दोबारा फील्ड काननगो को 22 सितंबर को मिला। यहां से यह पत्र उस समय के दोनों आरसी सब-रजिस्ट्रार जालंधर-1 को भेजा गया था।

एक आरसी ले चुके प्री-मेच्योर रिटायरमेंट

आरसी जितेंद्र कुमार ने प्री-मेच्योर रिटायरमेंट ले रखी है। अगर मुबारकपुर रजिस्ट्री कांड के मामले में कोई फैसला उनके खिलाफ आता है तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक मामले की गंभीरता से लगता है कि अब प्री-मेच्योर रिटायरमेंट भी किसी तरह की ढाल साबित नहीं होगी। संदिग्ध रजिस्ट्रियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक जांच की राख खुल सकती है। कानून माहिरों के मुताबिक अगर भ्रष्टाचार साबित होता है या सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ पाई जाती है तो इससे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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