संत बलबीर सिंह सीचेवाल की मौजूदगी में जालंधर और लुधियाना के उपायुक्तों के साथ विशेष बैठक
आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार नजर आएगा और सरकार हर कदम पर जनता के साथ खड़ी रहेगी
सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना का मुद्दा उठाया जाएगा, नाबार्ड के सहयोग से पूरा होगा
पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर
चंडीगढ़।
मुख्यमंत्री ने डेयरी अपशिष्ट को नालों में डालने पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को आगामी मानसून सीजन के मद्देनज़र बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए और किसी लापरवाही पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बुड्डा नाला, काला संघियां ड्रेन और सतलुज के धुसी बांध की सफाई को लेकर संत बलबीर सिंह सीचेवाल की मौजूदगी में जालंधर और लुधियाना के उपायुक्तों के साथ विशेष बैठक की।
आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होगा
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सतलुज और अन्य मौसमी नदियों के कमजोर बांधों को मजबूत किया जाए और बुड्डा नाला के लिए एसटीपी परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार नजर आएगा और सरकार हर कदम पर जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाया जाएगा, जिसे नाबार्ड के सहयोग से पूरा करने की योजना है।
बाढ़ के खतरे से बचाने में मदद मिलेगी
एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रेनों और नदियों की योजना सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ समन्वय करके तैयार की जानी चाहिए, ताकि नियमित रूप से डी-सिल्टिंग, सफाई और मजबूती सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने डेयरियों से नाले में जाने वाले गोबर की सख्ती से जांच करने और उचित निस्तारण के निर्देश दिए। इस बैठक में प्रदूषण रोकने और जल स्रोतों को स्वच्छ बनाने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा हुई।
2.5 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव
बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हेबोवाल में सीबीजी प्लांट को जल्द चालू किया जाए और ताजपुर में प्रस्तावित प्लांट के लिए 2.5 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाए। औद्योगिक गंदे पानी के उचित उपचार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सफाई, गाद निकालने, प्रदूषण नियंत्रण उपायों को तेज करने और लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश से पहले सभी प्रबंध पूरे हो सकें।


