आतंकी गतिविधियों और विस्फोटों की घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट
सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ड्रोन गतिविधियों पर विशेष नजर
जांच एजेंसियों ने जमशेर इलाके से नवांशहर का बंगा निवासी दविंदर किया अरेस्ट
वहीं जांच एजेंसियों को घटनास्थल के आसपास से एक नया CCTV फुटेज मिला है
जालंधर।
पंजाब में लगातार सामने आ रही आतंकी गतिविधियों और विस्फोटों की घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ड्रोन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। राज्य में लगातार सामने आ रहे धमाकों और ग्रेनेड हमलों के बीच जालंधर पुलिस ने एक आतंकवादी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था और ड्रोन के जरिए भेजे गए ग्रेनेड व विस्फोटक सामग्री को आगे सप्लाई करता था। जांच एजेंसियों ने जमशेर इलाके से नवांशहर जिले के बंगा निवासी दविंदर को हिरासत में लिया।
जिम्मेदारी लेने के दावे किए खारिज
इस बीच, खालिस्तान लिबरेशन आर्मी नाम के संगठन द्वारा धमाकों की जिम्मेदारी लेने के दावों को भी पुलिस ने खारिज कर दिया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि दुनिया में इस नाम का कोई वास्तविक संगठन मौजूद नहीं है। उनके मुताबिक,ऐसे पोस्टर और दावे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा भ्रम फैलाने और माहौल खराब करने के लिए जारी करवाए जाते हैं।
BJP आफिस में धमाके से जुड़े तार
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय पर एक अप्रैल को हुए हैंड ग्रेनेड हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड भी दविंदर ने ही सप्लाई किया था। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है। पूछताछ में आरोपी ने यह भी कहा है कि उसे केवल डिलीवरी करने के निर्देश दिए जाते थे और टारगेट की जानकारी नहीं दी जाती थी।
दिल्ली से भी एक संदिग्ध राउंडअप
जांच में यह भी सामने आया है कि फरवरी में फगवाड़ा (Phagwara) बस अड्डे के पास हुए बम धमाके में भी उसका हाथ हो सकता है। एजेंसियों के अनुसार आरोपी के संपर्क पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हुए हैं। इस पूरे नेटवर्क की जांच के दौरान पंजाब पुलिस ने दिल्ली से भी एक संदिग्ध को राउंडअप किया है।
सुरक्षा एजेंसी NIA ने शुरू की जांच
उधर, जालंधर में BSF हेडक्वार्टर के बाहर हुए IED विस्फोट की जांच अब National Investigation Agency (NIA) ने संभाल ली है। जांच एजेंसियों को घटनास्थल के आसपास से एक नया CCTV फुटेज मिला है, जिसमें स्कूटी के पास विस्फोट होने का दृश्य दिखाई दे रहा है। पुलिस का दावा है कि संदिग्ध आतंकी का फुटेज भी हाथ लगा है और उसकी पहचान कर ली गई है।
दहशत फैलाना हो सकता मकसद
डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि BSF हेडक्वार्टर के बाहर इस्तेमाल की गई IED काफी कम क्षमता की थी। धमाके में बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन काला धुआं और आसपास की कालिख यह साबित करती है कि विस्फोट IED से किया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, संभव है कि इसका मकसद केवल दहशत फैलाना रहा हो।


