डिस्ट्रिक्ट एंड सैशन जज प्रिया सूद से संभाला पदभार, होम टाऊन में तैनाती से बढ़ी न्याय की उम्मीद

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जालंधर। नवांशहर में बतौर डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी डिस्ट्रिक्ट और सैशन जज कम चेयरमैन के तौर सेवाएं दे रहीं प्रिया सूद को तबादले के बाद जालंधर डिस्ट्रिक्ट और सैशन जज नियुक्त किया गया है। अपने होम टाउन जालंधर में डिस्ट्रिक्ट और सैशन जज का पदभार संभालने पहुंचीं प्रिया सूद को गॉर्ड ऑफ़ ऑनर देकर उनका स्वागत किया गया। बता दें कि वह सेंट जोसफ कांवेंट स्कूल की पास आउट हैं।

हालांकि यह नियम है कि डिस्ट्रिक्ट और सैशन जज अपने ही होमटाउन में नहीं नियुक्त किया जा सकता पर उनकी योग्यता को देखते हुए उनको जालंधर के लोगों की सेवा का मौका दिया गया है। यहां यह भी जिक्रयोग है कि कागजों में उन्होंने होमटाउन कपूरथला दिखाया है। दावा किया जा रहा है कि होमटाउन में पोस्टिंग मिलने के बाद उनसे न्याय की उम्मीद भी बढी है।


वहीं, उनके स्टूडेंट्स रहे एडवोकेट्स ने भी सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें डालीं और गुलदस्ते के साथ वेलकम कहा। उन्होंने सीनियर वकील वीके सरीन से इंटरशिप की थी।

स्कूल प्रबंधन ने दी फेसबुक पर बधाई

स्कूल ने अपने फेसबुक पर उनकी फोटो लगाई और तारीफ करते हुए वेलकम कहा। स्कूल ने यह भी लिखा कि वो उनकी पूर्व स्टूडेंट प्रिया मदान (अब सूद) हैं। उम्मीद है वो ठीक होंगी। स्कूल के हर बच्चे को उन पर नाज है। मदान का शुक्रिया किया गया है। पूरे परिवार और उनको बधाई दी गई है।

यूनिक होम का कर चुकी हैं दौरा

ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश और सह-अध्यक्ष, ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सूद ने कुछ दिन पहले ‘यूनिक होम’ का आधिकारिक दौरा किया था। जहां उन्होंने बच्चों के कल्याण और गोद लेने की प्रक्रियाओं की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने की तरफ और ध्यान देने की प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेने की प्रक्रियाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरुरत है।

कैदियों को दी थी दोबारा गलत काम न करने की सलाह

प्रिया सूद, जिला एवं सेशन जज-कम-चेयरपर्सन, जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी, तरनतारन में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इस दौरान वो सेंट्रल जेल गोइंदवाल साहिब कैदियों और बंदियों की समस्याएं खुद सुनतीं थीं। इस दौरान प्रिया सूद ने कैदियों और बंदियों को समाज में नॉर्मल इंसान की तरह जीने और कोई गलत काम करके दोबारा जेल न आने की सलाह दी थी।

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