बेटियां रो-रो कर बोल रही थीं- हमारे पापा को कहां ले जा रहे हो, हमें उनसे बात करने दो
बूढ़ी मां भी बिलकते हुए कहती रही- मेरे पुत्तर, तू मुझे छोड़कर कहां चला गया
जालंधर में आप नेता लक्की ओबेरॉय का अंतिम संस्कार शनिवार को मॉडल टाउन श्मशानघाट में किया गया। 8 साल के बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम दर्शन के दौरान माहौल बहुत ही भावुक था। पत्नी और बेटियां लक्की को अंतिम विदाई देते हुए बिलखते हुए रोती रहीं। बूढ़ी मां के भी आंसू रूक नहीं रहे थे। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक रही।बता दें कि लक्की ओबरॉय की 6 फरवरी को गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मौके पर कैंट हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा, आप के सीनियर नेता दीपक बाली, मेयर विनीत धीर, गुरचरण सिंह चन्नी, मंगल सिंह बस्सी, आत्म प्रकाश सिंह बबलू, भाजपा नेता केडी भंडारी, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल, पूर्व सांसद सुशील रिंकू, डिप्टी मेयर मलकीत सिंह, पार्षद पति सौरभ सेठ, विपन कुमार और अन्य लोग संस्कार में शामिल हुए।

परिवारिक सदस्यों के थम नहीं रहे थे आंसू
पत्नी सिमरन पति के पार्थिव शरीर के पास बिलख-बिलखकर रोती रहीं और कहती रहीं तुम उठते क्यों नहीं, मुझे तुमसे बात करनी है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटियों ने कहा -हमारे पापा को कहां लेकर जा रहे हो, हमें उनसे बात करने दो। बूढ़ी मां भी कहती रहीं कि मेरा हालचाल अब कौन पूछेगा।

बेटे को गोद में उठाकर कराए पिता के आखिरी दर्शन
8 साल के बेटे को भी भीड़ के बीच गोद में उठाकर पिता के आखिरी दर्शन कराए गए, जहां वह लगातार “पापा-पापा” पुकारता रहा। जिसके बाद उसी बेटी ने लक्की ओबेरॉय की चिता को अग्नि भेंट की। लक्की को अंतिम विदाई देने के लिए शहर के बहुत सारे गणमान्य लोग पहुंचे।

आप नेताओं ने कहा- हत्यारों को बख्शेंगे नहीं
लक्की ओबेरॉय के संस्कार में पहुंचे कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, सीनियर नेता पवन कुमार टीनू और अन्य नेताओं ने कहा पंजाब में कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। लक्की के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इन सभी आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ प्रहार मुहिम चला रखी है। उनहोंने विपक्षी पार्टियों के नेताओं से इस मामले में राजनीति न करने की सलाह भी दी।


