पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट से मंजूरी, 27 जुलाई को संसद में हो सकता है पेश

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NEET विवाद के बीच बड़ा फैसला, पेपर लीक पर सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट की तैयारी

मंजूरी ऐसे समय में दी गई है जब छात्र शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हैं

केंद्र पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग में पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई है। अब 27 जुलाई को इसे संसद में पेश किया जा सकता है। बिल को ऐसे समय में कैबिनेट की तरफ से मंजूरी दी गई है जब छात्र शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अड़े हुए हैं। गौरतलब है कि वीरवार आधी रात 12 बजे करीब 2 मिनट 56 सेकंड के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद दुखद है इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं।

देर रात जारी की थी वीडियो

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने वीरवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी। पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया।

फिलहाल CBI कर रही जांच

पीएम ने कहा कि सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और कानून को और सख्त किया जाएगा। 3 मई को हुए NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में जांच की गई है। अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जल्द चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।

राहुल गांधी ने उठाए सवाल

प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ वीडियो जारी करने से काम नहीं चलेगा, सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। NEET-UG पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रही CJP ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराई। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार की सख्त कार्रवाई शिक्षा मंत्री को पद से हटाना होगी।

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल

इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। टी.के. अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया है। अब ऐसे सभी मामलों की सुनवाई इसी अदालत में होगी।

क्या है एंटी पेपर लीक कानून?

लोक परीक्षा अधिनियम, 2024 देश का पहला केंद्रीय एंटी पेपर लीक कानून है। यह 21 जून 2024 से लागू है। पेपर लीक करने पर 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना। संगठित गिरोह के शामिल होने पर 5 से 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना। दोषी परीक्षा एजेंसी पर 1 करोड़ रुपये जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत की वसूली और 4 साल तक परीक्षा कराने पर रोक लग सकती है। यह अपराध गैर-जमानती है और इसकी जांच DSP या उससे वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।

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