रात को लगाया गया था ट्रैप, मेयर ने निगम कमिश्नर को दिए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
ठेकेदार पर पहले भी दो बार लग चुका है लाखों का जुर्माना, ज्योति नगर डंप पर करता था मलवा और कूड़ा मिक्स
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जालंधर। घोटालों और भ्रष्टाचार के अड्डा बन चुके नगर निगम में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। सरकारी ठेकेदार की तरफ से कूड़े की जगह मलवा तौलवा कर नगर निगम को लाखों रुपए का चूना लगा रहा था। मेयर विनीत धीर ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया। इससे पहले सोमवार की रात उन्होंने ट्रैप लगवाया और मंगलवार सुबह-सुबह रेड करके डंप पर मलवा फैंकने आए डंपर गाड़ी को रंगे हाथों पकड़ लिया। जिसके बाद मेयर विनीत धीर ने तुरंत नगर निगम कमिश्नर को इस सरकारी ठेकेदार के खिलाफ तुरंत बनती कार्रवाई करने के लिए कहा है।
जानकारी के अनुसार आकाश नामक गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्टर की ओर से कूड़ा उठाने के काम में भारी अनियमितताएं की जा रही थीं। आरोप है कि ठेकेदार की गाड़ियों में ऊपर-ऊपर कूड़ा भरकर नीचे भारी मात्रा में मलवा भरा जाता था। जिससे वजन बढ़ाकर गलत तरीके से बिल बनाया जा रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मेयर विनीत धीर को को इसकी सूचना मिली। इसके बाद मेयर ने मौके पर अचानक छापा मारा। जांच के दौरान पाया गया कि डंपर गाड़ियों में कूड़े के बजाय नीचे मलवा भरा हुआ था, जिससे पूरे मामले की पोल खुल गई।
रेड के दौरान मेयर विनीत धीर सुबह 7.30 बजे से 8 बजे तक धर्मकंडे पर जा बैठ गए। जब वरियाणा डंप पर ठेकेदार के डंपर आए तो उन्होंने पहले उसकी पर्ची कटने दी। फिर डंपर जाकर जब उसे अनलोड किया गया तो छापामारा। मौके पर ही देखा कि कूड़े के नीचे मलवा भरा हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी वीडियोग्राफी करवाई।

जारी वीडियो में सतपाल ठेकेदार का आया नाम
मेयर की तरफ से जारी की गई छापे की वीडियो में मेयर पूछते हैं कि मलवा कहां से लाया गया है तो डंपर गाड़ी वाला बता रहा है कि यह मलवा ज्योति नगर डंप से लाया गया है। मेयर पूछते हैं कि यह किस ठेकेदार की गाड़ी है तो, वह बताता है कि सतपाल ठेकेदार (आकाश गवर्नेमेंट कांट्रेक्टर) की तरफ से यह कूड़ा और मलवा भेजा जा रहा है।
120 फुट रोड से भरा जा रहा था मलवा
सोमवार रात को लगाए गए ट्रैप से पता चला कि ठेकेदार की तरफ से पिछले कुछ समय से लगातार रात को 120 फुट रोड अर्बन एस्टेट फेज-2 रेलवे अंडरपास के पास से मलवा भरा जाता है। फिर उस मलवा को ज्योति नगर डंप पर लगाकर उसके ऊपर कूड़ा भरा जाता है। रात को भी करीब 7-8 ट्राली और दो टिपर मलवा निकाले जाने की सूचना मिली है। इसकी जांच करवाई जानी चाहिए और आरोपी ठेकेदार के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पहले भी लग चुके हैं जुर्माने
इसी ठेकेदार पर पिछले सप्ताह भी काम में अनियमितताओं के चलते दो बार लगभग 2-2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बावजूद ठेकेदार की तरफ से नियमों की अनदेखी जारी रही।
बता दें कि पिछले साल भी इस ठेकेदार पर ज्योति नगर और विकासपुरी डंप से लंबे समय तक कूड़ा न उठाने के आरोप लगे थे। उस समय विकासपुरी डंप का टेंडर रद्द कर दूसरे ठेकेदार को सौंप दिया गया था।
निगम अफसरों से मिलीभगत के आरोप
यह काम बिना नगर निगम अफसरों की मिलीभगत के नहीं हो सकता है। सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि ठेकेदार ने कुछ निगम अफसरों के साथ मिलकर यह घोटाला किया है। अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ठेकेदार की इसी ऊंची पहुंच और अफसरों के साथ मिलीभगत के चलते बहुत सारी अनियमिताओँ को नजरअंदाजा किया जाता आ रहा है।

पूर्व निगम कर्मचारी के बेटे के पास है ठेका
बता दें कि यह ठेकेदार नगर निगम के एक कर्मचारी सतपाल का बेटा है। नियमों के मुताबिक किसी सरकारी कर्मचारी के परिवार के सदस्य को संबंधित विभाग में ठेकेदारी करने की अनुमति नहीं होती। इसके बावजूद कथित रूप से पिता-पुत्र की मिलीभगत से बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई। सतपाल को बीते कुछ समय पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा भी देना पड़ा था।
गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा – मेयर विनीत धीर
मेयर विनीत धीर ने कहा कि नगर निगम में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार और घोटालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस ठेकेदार के खिलाफ पहले भी जुर्माना लग चुका है। किसी भी गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। निगम कमिश्नर को कार्रवाई के लिए कहा गया है। जल्द एक्शन होगा। नगर निगम के मुलाजिमों की मिलीभगत की भी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी एक्शन होगा।

