यह बदलाव हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बाद किया गया
ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई और वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई थी
हमलों के बाद उत्तर कोरिया ने सुरक्षा रणनीति पर दोबारा विचार किया
ऐसी सैन्य कार्रवाई है, जिसमें शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था को निशाना बनाते है
नई दिल्ली
नॉर्थ कोरिया ने अपनी परमाणु नीति और संविधान में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधान के तहत अगर देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की हत्या हो जाती है या किसी विदेशी हमले के दौरान वे नेतृत्व करने की स्थिति में नहीं रहते, तो उत्तर कोरिया तुरंत परमाणु हमला करेगा। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बाद किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च में ईरान की राजधानी तेहरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद उत्तर कोरिया ने अपनी सुरक्षा रणनीति पर दोबारा विचार किया। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई थी।
देश की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था पर सीधा निशाना
इन घटनाओं के बाद प्योंगयांग को आशंका सताने लगी कि भविष्य में उसके खिलाफ भी इसी तरह का “डिकैपिटेशन स्ट्राइक” किया जा सकता है। यह ऐसी सैन्य कार्रवाई होती है, जिसमें किसी देश की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था को सीधे निशाना बनाया जाता है।
विदेशी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई
साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने इस खतरे को देखते हुए अपनी परमाणु नीति में बदलाव किया है। प्योंगयांग अब किसी भी संभावित विदेशी हमले की स्थिति में तुरंत जवाबी परमाणु कार्रवाई की तैयारी रखना चाहता है।
उत्तर कोरिया का कदम तनाव बढ़ा सकता है
यह नया प्रावधान 22 मार्च को प्योंगयांग में शुरू हुए 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के पहले सत्र के दौरान अपनाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया का कदम क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है और वैश्विक सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर सकता है।


