298 ने बिल के पक्ष में वोटिंग की तो वहीं 230 वोट बिल के खिलाफ पड़े
इस बिल में संसद की 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था
केंद्र को दो तिहाई 352 वोट चाहिए थे पर यह बिल 54 वोटों से गिर गया
NDA के पास 293 सांसद हैं, भाजपा 5 अन्य सांसदों को कन्वेंस कर पाई
नई दिल्ली
लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला बिल पास नहीं हो पाया है। लोकसभा में 21 घंटे बिल पर चर्चा हुई, चर्चा होने के बाद वोटिंग की गई। जिसमें 528 सांसदों में से 298 ने बिल के पक्ष में वोटिंग की तो वहीं 230 वोट बिल के खिलाफ पड़े। जिस कारण यह बिल पास नहीं हो पाया। इस बिल में संसद की 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था।
बिल पास के लिए इतने वोट चाहिए थे
इस बिल को पास करवाने के लिए सदन में केंद्र सरकार को दो तिहाई यानि के 352 वोट चाहिए थे पर यह बिल 54 वोटों से गिर गया और पास नहीं हो पाया। यह पहला मौका है जब 12 साल में मोदी सरकार संसद में कोई बिल पास नहीं करा पाई हो।
सिर्फ 5 सांसदों को ही मना पाई NDA
NDA के पास 293 सांसद हैं। भाजपा सिर्फ 5 अन्य सांसदों को कन्वेंस कर पाई। बाकी विपक्ष को विश्वास में लेने में सफल नहीं हुई, इसलिए बिल पास नहीं करा पाई। अब महिला आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा।

