पार्षद ने मांगा चौराहों व डिवाइडरों के सौंदर्यीकरण पर खर्च किए गए पैसे का हिसाब
जालंधर, कांग्रेस के सीनियर नेता और कांग्रेस पार्षद पवन कुमार ने शहर के चौहारों और डिवाइडरों के सौंदर्यीकरण पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल उठाया कि निजी कंपनियों की तरफ से चौराहों पर पैसा खर्च किया जा रहा है, लेकिन इसका सारा क्रेड़िट मेयर विनीत धीर, निगम कमिश्नर और सरकार लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मेयर को चाहिए कि वह क्रेडिट लेने की बजाए शहर की टूटी हुई सड़कों पर पहल के आधार पर बनवाने का काम करें।

पवन कुमार ने आरोप लगाया कि विनय मंदिर (पीपीआर) से लेकर लतीफपुरा, जीटीबी नगर और वहां से श्री गुरु रविदास चौक की कई सालों से सड़कें टूटी पड़ी हैं। लोगों को वहां से गुजरना मुश्किल है। इन रास्तों पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, लेकिन नगर निगम कमिश्नर, मेयर और अधिकारियों को यह दिखाई नहीं दे रहे हैं। शहर का बुरा हाल कर रखा है। इसे तुरंत ठीक करवाया जाना चाहिए।

कितना खर्च हुआ, बताएं मेयर व कमिश्नर
कांग्रेस पार्षद पवन कुमार ने मेयर विनीत धीर और निगम कमिश्नर संदीप ऋषि से पूछा है कि वे बताएं कि शहर के अलग-अलग चौराहों श्री गुरु अमरदास चौक, दोआबा चौक, वीर बबरीक चौक, मॉडल टाउन चौक और मॉडल टाउन के प्रकाश बेकरी चौक के सामने डिवाइडर के अलावा मॉडल टाउन में टी-प्वाइंट लाइट्स पर बने डिवाइडर और दूसरे छोटे डिवाइडर पर नगर निगम ने कितना पैसा खर्च किया है? इन सभी चौराहों पर खर्च पैसे की डिटेल क्रम से दी जाए। पवन ने कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि इन सभी कामों पर खर्च होना वाला पैसे निजी कंपनियों से खर्च कराया गया है, क्योंकि इन सभी जगहों पर निजी कंपनियों के विज्ञापन बोर्ड लगे हैं। अगर ऐसा नहीं है, तो निगम जालंधर को इन कंपनियों के विज्ञापनों से क्या फायदा हो रहा है?
shri guru ravi dass ji maharaj chowk

शहर की अधिकतर सड़कें खराब
सच्चाई तो यह है कि शहर की अधिकतर सड़कें खराब हैं। विकास के नाम पर शहर के कई सड़कों को खोद कर छोड़ दिया गया है। डेढ़-दो साल से सड़कें बन नहीं रही हैं। उन्होंने मेयर व कमिश्नर ने अपील की है कि वह लोगों को झूठे वादे करके और विकास के नाम पर ठगना बंद करें। विनय मंदिर से जीटीबी नगर गुरुद्वारा साहिब तक शहर के चौराहों और डिवाइडरों को साफ और सुंदर बनाने का क्रेडिट जालंधर शहर के समझदार नेताओं और प्राइवेट कंपनियों के मालिकों को दिया जाना चाहिए, लेकिन क्रेडिट मेयर व कमिश्नर के अलावा आम आदमी पार्टी लेने में जुटी है।

