पंजाब का पहला अस्पताल बना, कई मरीजों में बिना स्टेंट रक्त के थक्के निकालने की मिलेगी सुविधा
हार्ट अटैक और डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) के इलाज में आधुनिक, सुरक्षित और मिनिमली इनवेसिव तकनीक
जालंधर: केयरबेस्ट सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने हृदय एवं रक्तवाहिका (Cardiovascular & Vascular) उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए Penumbra Mechanical Thrombectomy System की शुरुआत की है। अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. रमन चावला ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार केयरबेस्ट सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल वर्तमान में पंजाब का पहला और एकमात्र अस्पताल है, जहां हृदय की धमनियों तथा पैरों की नसों में बने रक्त के थक्कों को हटाने के लिए यह अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि Penumbra Mechanical Thrombectomy System एक उन्नत Aspiration Thrombectomy तकनीक है, जिसके माध्यम से हार्ट अटैक के कई उपयुक्त मरीजों में हृदय की धमनियों में बने रक्त के थक्कों को प्रभावी ढंग से निकालकर कई मामलों में स्थायी स्टेंट लगाने की आवश्यकता से बचा जा सकता है। यह तकनीक प्राकृतिक धमनी को सुरक्षित रखने के साथ-साथ लंबे समय तक दवाइयों पर निर्भरता भी कम करने में सहायक हो सकती है।
डॉ. चावला ने बताया कि यह प्रणाली Continuous Aspiration Technology के माध्यम से रक्त के थक्कों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालती है, जिससे रक्त की अनावश्यक हानि कम होती है और उपचार अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनता है।
DVT मरीजों के लिए भी प्रभावी उपचार
उन्होंने बताया कि पैरों की नसों में होने वाले Deep Vein Thrombosis (DVT) के मरीजों के लिए भी यह तकनीक बेहद लाभकारी है। समय रहते रक्त का थक्का निकालने से मरीज को सूजन और दर्द से राहत मिलती है, नसों के वाल्व सुरक्षित रहते हैं तथा Pulmonary Embolism जैसी जानलेवा जटिलताओं का खतरा भी काफी कम हो जाता है।
86 वर्षीय मरीज का सफल इलाज
अस्पताल ने हाल ही में 86 वर्षीय स्वरण कौर का इस तकनीक से सफल उपचार किया। मरीज पिछले तीन महीनों से बाएं पैर में लगातार बढ़ती सूजन से परेशान थीं। पूर्व में उन्हें विभिन्न स्थानों पर रक्त पतला करने वाली दवाइयों से उपचार दिया गया, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
केयरबेस्ट सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में विस्तृत जांच एवं Venography के दौरान पता चला कि मरीज के बाएं पैर की नसों में व्यापक Deep Vein Thrombosis (DVT) था तथा रक्त का थक्का Inferior Vena Cava (IVC) तक फैल चुका था, जिससे फेफड़ों में रक्त का थक्का पहुंचने का गंभीर खतरा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने एंडोवैस्कुलर उपचार की योजना बनाई। सबसे पहले मरीज में Life Tech IVC Filter लगाया गया ताकि उपचार के दौरान रक्त का थक्का फेफड़ों तक न पहुंच सके। इसके बाद 24 घंटे तक Catheter-Directed Thrombolysis की गई और फिर Penumbra CAT RX Mechanical Aspiration System की सहायता से सफलतापूर्वक मैकेनिकल थ्रोम्बोसक्शन कर लगभग सभी रक्त के थक्कों को निकाल दिया गया।
उपचार के बाद अंतिम जांच में नसों में रक्त प्रवाह पूरी तरह सामान्य पाया गया तथा मरीज के पैर की सूजन और दर्द में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। पूरी प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध
डॉ. रमन चावला ने कहा कि Penumbra Mechanical Thrombectomy System का सफल उपयोग इस बात का प्रमाण है कि केयरबेस्ट सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल आधुनिक, वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित एवं विश्वस्तरीय हृदय और रक्तवाहिका उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। अनुभवी इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, अत्याधुनिक कैथ लैब और 24×7 आपातकालीन कार्डियक सेवाओं से सुसज्जित अस्पताल मरीजों को नवीनतम तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपचार और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।


