ब्यूरो। चलती ट्रेन को अपनी सिर्फ खुशी या तमाशबीनी के लिए जानबूझ कर रोकने की नियत से अलार्म चेन खींचने के कई मामला सामने आए हैं। जिसमें कुछ यात्री बिना कारण ही अलार्म चेन को खींच कर ट्रेन को रोक देते हैं। रेलवे सुरक्षा बल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पिछले 6 महीने में रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के दौरान 1016 केस रजिस्टर्ड किए। इन केसों में मौके पर ही 913 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। इन चेन खींचने वालों से लगभग 97 हजार रुपया जुर्माना भी वसूल किया गया।

रेलवे समय समय पर करता है जागरूक
मंडल के रेलवे स्टेशनों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से अनाउंसमेंट करके रेलयात्रियों को चेन पुलिंग के सम्बन्ध में जागरूक किया जाता है और समय-समय पर जागरूकता ड्राइव भी चलाई जाती है। क्योंकि भारतीय रेल को देश की “लाइफ लाइन” माना जाता है। भारतीय रेल में यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक ट्रेन में अलार्म चैन की व्यवस्था होती है जो सभी कोचों में लगे हुए होते है।
यहां ट्रेन नहीं रुकती, वहीं खींचते हैं चेन
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रेलयात्री कभी-कभी जिस स्टेशन पर ट्रेन नहीं रुकती है, वहां भी चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकने की कोशिश करते है। बिना वजह चेन खींचकर ट्रेन को रोक देते है। इससे ना केवल ट्रेन रूक जाती है बल्कि इसकी गति भी प्रभावित होती है। जिससे ट्रेनें देरी से चलती हैं और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में विलंब होता है।
सजा और जुर्माने का प्रावधान
बिना उचित कारण के चेन खींचने पर रेलवे नियमों के अंतर्गत 1000 रुपया जुर्माना या एक साल की कैद अथवा दोनों सजा का प्रावधान है। फिरोजपुर मंडल रेल ने यात्रियों से बिना किसी ठोस कारण के चेन पुलिंग ना करने की अपील की है। चेन पुलिंग के कारण ट्रेनों के परिचालन में व्यवधान उत्पन्न होते है।

