Fortis hospital के डाक्टरों के लाइसेंस रद्द कर दर्ज की जाए FIR, इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत की SIT रिपोर्ट आने के बाद बोले पिता

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पुलिस कमिश्नर से कल करेंगे मुलाकात, करेंगे डॉक्टरों व अस्पताल पर कानूनी कार्रवाई की मांग

जालंधर, इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन के पिता गुलजार सिंह ने SIT की मैडीकल रिपोर्ट आने के बाद फॉर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों पर FIR दर्ज करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल को बंद कराया जाए और लाइसेंस रद्द करके डॉक्टरों को जेल भेजा जाए। इस मामले में इंसाफ की गुहार लगाते हुए उन्होंने अस्पताल पर इलाज में जानबूझ कर लापरवाही करने का आरोप लगाया। पिता ने कहा कि वह मंगलवार को पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर से भी मुलाकात करके तुरंत कानूनी कार्रवाई करने की मांग करेंगे।

एक घंटे की सर्जरी को लगाया 5 घंटे से ज्यादा समय

पिता ने एसआईटी रिपोर्ट आने के बाद कई खुलासे भी किए। कहा कि उन्होंने पहले ही डॉक्टरों को कहा था कि वह वरिंदर घुम्मन को अभी बेहोश न करें। उसके बावजूद उसके बेटे को तुरंत ही बेहोश करके ऑप्रेशन के लिए ले गए। उन्हें लगा था एक घंटे का ऑप्रेशन होगा, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने 5-5.30 घंटे लगा दिए। वहां ऑप्रेशन थियेटर में घुम्मन की मौत हो गई। उसकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताया गया।

ईसीजी खराब आने के बावजूद की सर्जरी

परिवार के लोगों का आरोप है कि घुम्मन की सर्जरी से पहले ईसीजी खराब आई थी। उसके बावजूद इतने नामी अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का फैसला ले लिया। जबकि अन्य माहिरों की राय है कि ईसीजी रिपोर्ट खराब होने के बाद सर्जरी नहीं की जानी चाहिए थी।

चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके थे घुम्मन

पिता गुलजार सिंह ने बताया कि उनका बेटा वरिंदर घुम्मन चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके थे। उन्होंने इस बात पर भी आशंका जताई है कि चुनाव की घोषणा के बाद ही अस्पताल में शरारत के साथ कोई हेरा-फेरी की गई है या फिर कुछ ओर है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

9 अक्तूबर को ऑप्रेशन के दौरान हुई थी घुम्मन की मौत

बता दें कि वरिंदर घुम्मन को सर्जरी के लिए फॉर्टिस अस्पताल दाखिल कराया गया था। जहां 9 अक्तूबर 2025 में ऑप्रेशन के दौरान उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद परिवार ने पुलिस को शिकायत कर मैडीकल जांच करवाने की मांग की थी। सीनियर पुलिस अधिकारियों ने एक एसआईटी का गठन किया। उसी ने मैडीकल बोर्ड के जरिए इस मामले की जांच करवाई। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद कई खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में साफ लापरवाही का आरोप लगाया गया है। जिसके बाद परिवार के लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

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