मुख्यमंत्री और DGP हालात को कंट्रोल करने में बुरी तरह फेल रहे हैं: मजीठिया
चंडीगढ ब्यूरो. अकाली दल के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को लेकर सरकार पर फिर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री और कार्यकारी DGP हालात को कंट्रोल करने में बुरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा का बजट सेशन शुरू हो गया है और एक तरफ राज्य सरकार प्रहार-1 और प्रहार-2 जैसे पुलिस ऑपरेशन की बात कर रही है, वहीं लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को “मजबूत” बता रही है, इसी बीच आज मोगा जिले में दिनदहाड़े एक गांव के सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह भी इशारा किया है कि राज्य में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और भगवंत मान सरकार के माथे पर कलंक के समान है।
6 मार्च को मोगा के बाघापुराना इलाके में कोटकपूरा रोड के पास पत्तों गांव के सरपंच हरविंदर सिंह हैप्पी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती खबरों के मुताबिक, हथियारबंद हमलावर एक गाड़ी में आए, सरपंच को घेर लिया और अंधाधुंध गोलियां चलाईं। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि यह हत्या सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाती है। उन्होंने कहा कि सरपंच को धमकियों के बारे में इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मजीठिया ने कहा कि यह घटना 2022 में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के दौरान कथित इंटेलिजेंस फेलियर की याद दिलाती है और आरोप लगाया कि राज्य की मशीनरी चुने हुए प्रतिनिधियों की सुरक्षा करने में फेल रही है।
मजीठिया ने कहा कि एक तरफ सरकार बजट सेशन के पहले दिन कानून-व्यवस्था से मुंह मोड़ रही थी, वहीं दूसरी तरफ मोगा के पत्तों गांव में दिनदहाड़े एक सरपंच की हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मर्डर के सिलसिले में आम आदमी पार्टी के MLA अमृतपाल सिंह सुखानंद का नाम सामने आया है और मामले की जांच किसी इंडिपेंडेंट एजेंसी से करवाने की मांग की।
अकाली नेता ने कहा कि इससे पहले भी तरनतारन में डिप्टी कमिश्नर और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के घर के पास एक सरपंच का मर्डर हुआ था। उन्होंने कहा कि साल की शुरुआत से ही राज्य भर में कई मर्डर ने पंजाब को हिलाकर रख दिया है लेकिन सरकार सो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह फेल हो गया है।
उन्होंने कहा कि गुरदासपुर में 19 साल के रंजीत सिंह के कथित फेक एनकाउंटर के बाद से दिनदहाड़े हो रहे मर्डर ने न सिर्फ बुरे वक्त की झलक दिखाई है बल्कि यह भी इशारा किया है कि राज्य में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और भगवंत मान सरकार के माथे पर कलंक के समान है।
मजीठिया ने कहा कि हरविंदर सिंह हैप्पी का मर्डर हाल ही में हुए मर्डर की एक और कड़ी है, जिसमें राणा बलाचौरिया की हत्या भी शामिल है। उन्होंने दावा किया कि सरकार और पुलिस का डर खत्म हो गया है और राज्य में “जंगल राज” की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि एक्टिंग DGP लॉ एंड ऑर्डर ठीक करने के बजाय “कुर्सी बचाओ” मिशन में ज़्यादा बिज़ी लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी से अब तक हुई कई घटनाएं इसका साफ़ सबूत हैं, जिसके बाद भी लॉ एंड ऑर्डर ठीक करने की कोई कोशिश होती नहीं दिख रही है।
उन्होंने कहा कि 1 मार्च को होशियारपुर के महिंदवानी गुजरां गांव में एक अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने रिटायर्ड ASI की पत्नी रचना देवी को गोली मार दी। वे पास के एक धार्मिक स्थल पर माथा टेककर घर लौट रहे थे। इसी तरह, 28 फरवरी को AAP नेता लकी ओबेरॉय की जालंधर के मॉडल टाउन में एक गुरुद्वारे के बाहर अनजान हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह गुरुद्वारे में मत्था टेककर बाहर निकले ही थे कि हमला हो गया। बाद में गैंगस्टर जोगा फोलरीवाल ने पर्सनल दुश्मनी बताते हुए हत्या की ज़िम्मेदारी ली।
इससे पहले फरवरी में, तरनतारन के ठठियां महंत गांव के सरपंच और AAP नेता हरबिंदर सिंह की सिद्धू फार्म मैरिज पैलेस में एक शादी फंक्शन के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, हमलावर ने करीब 500 मेहमानों की मौजूदगी में उनके सिर में करीब से गोली मारी।
इस घटना के बाद पंजाब के कार्यकारी DGP गौरव यादव ने लापरवाही के आरोप में DSP जगबीर सिंह और सरहाली थाने के SHO गुरविंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले 28 जनवरी को दो अज्ञात हमलावरों ने मोहाली में SSP ऑफिस के पास गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई की 2020 में हुई हत्या के मामले में आरोपी गुरविंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसी दिन, 28 जनवरी को गुरदासपुर में दो हमलावरों ने एक केमिस्ट रणबीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
25 जनवरी को पटियाला में हेड कांस्टेबल अमनदीप सिंह की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। 4 जनवरी को तरनतारन के वल्टोहा गांव के सरपंच और AAP नेता जरमल सिंह की एक शादी समारोह के दौरान करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मजीठिया ने कहा कि लगातार हो रही हत्याओं और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन को देखते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है ताकि स्थिति को काबू में किया जा सके। उन्होंने कहा, “चाहे व्यापारी हो या व्यवसायी, या छोटा दुकानदार, हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है। राज्य में जंगल जैसे हालात हैं और ऐसे हालात में भी लोग गहरी नींद में सोए हुए दिख रहे हैं।” ओर अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद है कि वह एके 47 और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करके निर्दोष लोगों को मारने लगे हुए है।

