एलोपैथिक दवाइयों की कंपनी की सील खोलने के लिए मांगी थी दो लाख की रिश्वत
चंडीगढ़ ब्यूरो, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने श्री मुक्तसर साहिब में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर रमनदीप गुप्ता को 1,00,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बठिंडा के रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर उक्त आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
छापेमारी के बाद कंपनी की गई सील
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता रेडिनेक्स लाइफ साइंसेज़ प्राइवेट लिमिटेड, बठिंडा का डायरेक्टर है और उसकी कंपनी वर्ष 2020 से एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण कर रही है। आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर ने छापेमारी के बाद उसकी कंपनी को सील कर दिया था।
दो लाख रुपये प्रति माह रिश्वत मांगी थी
इस संबंध में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर कंपनी से सील हटाने के बदले उससे दो लाख रुपये प्रति माह रिश्वत की मांग कर रहा है। किसी भी प्रकार की रिश्वत देने का इरादा न होने के कारण शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज, बठिंडा से संपर्क किया।
टीम ने जाल बिछाया, रिश्वत लेते गिरफ्तार
शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 1,00,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।


