पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है
मेडिकल बोर्ड की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है
जस्टिस सुभाष मेहला बेंच ने सरकार को फटकार लगाई
नया बोर्ड गठित करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है
चंडीगढ़
पंजाब के मशहूर बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत के मामले को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार की तरफ से बनाए गए मेडिकल बोर्ड की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार भी लगाई है। इस मामले में सरकार से 19 मई तक जवाब मांगा है।
पंजाब सरकार को लगाई फटकार
हाईकोर्ट के जस्टिस सुभाष मेहला की बेंच ने राज्य सरकार को फटकार लगाते पूछा है कि जब पहले बोर्ड के सात विशेषज्ञों ने विस्तृत जांच के बाद इलाज में लापरवाही पाई और जिम्मेदार डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक किए, तो सरकार के पास ऐसे कौन से नए तथ्य सामने आए जिसके आधार पर दूसरी बार जांच के आदेश दिए गए?
घुम्मन के परिवार ने दी थी चुनौती
घुम्मन के परिवारों वालों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दूसरे मेडिकल बोर्ड के गठन को चुनौती दी थी। उनका तर्क है कि जब पहले ही एक सात सदस्यीय बोर्ड डॉक्टरों को दोषी ठहरा चुका है तो स्वास्थ्य निदेशक को नया बोर्ड गठित करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

