कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद कीमतें स्थिर
पेट्रोलियम कंपनियों का नुकसान झेलना पड़ रहा है
चुनाव के बाद कीमतें बढ़ा सकती हैं तेल कंपनियां
केंद्र ने तेल कंपनियों को उबरने के लिए राहत दी थी
नई दिल्ली
भारत में आम आदमी पर महंगाई का बोझ पड़ने वाला है क्योंकि एक बार फिर से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में इजाफा हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। जिससे पेट्रोलियम कंपनियों का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
25 से 28 रुपए तक बढ़ सकते हैं दाम
रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में चुनाव होने के बाद तेल कंपनियां पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें बढ़ा सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 25 से 28 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनियों को पेट्रोल पर 18 रुपए और डीज़ल पर 35 रुपए का घाटा हो रहा है। पिछले एक महीने में देश की तीन बड़ी कंपनियों को 2400 करोड़ का नुकसान झेल रहीं थी।
सरकार ने तेल कंपनियों को दी थी राहत
केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को घाटे से उबरने के लिए राहत दी थी। सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर 10 रुपए की एक्साइज कटौती की थी। जिससे कंपनियों का यह घाटा 1600 करोड़ रुपए तक आ गया था। पर अब दोबारा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण कंपनियों को नुकसान हो रहा है।

