मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्रमिक वर्ग को दिया तोहफा

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15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों को लाभ

विशेष सत्र से वाकआउट करने के लिए कांग्रेस पर तीखा निशाना

शिक्षा में क्रांतिकारी सुधार कर श्रमिकों की जिंदगी सुधार सकती है

चंडीगढ़।

मई दिवस के अवसर पर आज पंजाब विधान सभा ने 13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के लिए सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस बढ़ोतरी को श्रम वर्ग के योगदान के प्रति सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा की महत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा ही श्रमिकों की जिंदगी सुधार सकती है और ‘आप’ की अगुवाई वाली सरकार शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार कर रही है। उन्होंने विशेष सत्र से वाकआउट करने के लिए कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने एलान किया कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) एक्ट-2026 के पारित होने पर शुक्राना यात्रा निकाली जाएगी।

न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्रम श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की बेस दर (मूल दर) आखिरी बार साल 2012 में संशोधित की गई थी। हालांकि साल 2012 से अब तक महंगाई भत्ता बढ़ता रहा है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी की बेस दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। मई दिवस के इस पवित्र दिन पर विधान सभा के इस विशेष सत्र में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है।”

यह वर्ग समाज की रीढ़ की हड्डी

पिछली सरकारों की नाकामी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पिछली दो सरकारों का कार्यकाल इन मेहनतकश लोगों की मजदूरी बढ़ाए बिना ही गुजर गया, जबकि यह वर्ग समाज की रीढ़ की हड्डी है। विश्व स्तर पर मजदूरों के संघर्ष के प्रतीक माने जाने वाले मई दिवस पर मैं उन श्रमिकों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने साल 1886 में शिकागो में काम करने की हालत सुधारने के मसले पर अपनी जानें न्योछावर कर दी थीं।”

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