तत्कालीन SDO संजीव प्रभाकर और बिल्डर अमित गर्ग को भी हिरासत में लिया
अब मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों और दस्तावेजों की भी गहन जांच कर रही है
निजी हाउसिंग कॉलोनी बसंत सिटी में 66 केवी का सब स्टेशन स्थापित करवाया
10 करोड़ का सरकारी फंड खर्च किया लेकिन पूरा खर्च निजी बिल्डर ने करना था
लुधियाना
लुधियाना में विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के पूर्व CMD केडी चौधरी को करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान तत्कालीन SDO संजीव प्रभाकर और बिल्डर अमित गर्ग को भी हिरासत में लिया गया। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों और दस्तावेजों की भी गहन जांच कर रही है।
10 करोड़ का सरकारी फंड खर्च
विजिलेंस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए निजी हाउसिंग कॉलोनी बसंत सिटी में 66 केवी का सब स्टेशन स्थापित करवाया। आरोप है कि इस परियोजना पर 10 करोड़ का सरकारी फंड खर्च किया गया। जबकि नियमों के अनुसार इस सब स्टेशन का पूरा खर्च निजी बिल्डर अमित गर्ग द्वारा उठाया जाना था। मामले में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मिलीभगत के पुख्ता संकेत मिले
जांच एजेंसी के मुताबिक PSPCL अधिकारियों और बिल्डर के बीच मिलीभगत के पुख्ता संकेत मिले हैं। आरोप है कि सरकारी धन का गलत तरीके से इस्तेमाल कर निजी परियोजना को लाभ पहुंचाया गया। विजिलेंस अब इस मामले में फाइलों, मंजूरियों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।


