नवांशहर में चल रहा 20 करोड़ रुपए का गैरकानूनी अवैध रेत खनन रैकेट: शिरोमणी अकाली दल

आज की ताजा खबर पंजाब पॉलिटिक्स
Spread the love
अवैध खनन से सतलुज नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित, इससे 50 गांवों में बाढ़ आ सकती :सुखदीप सिंह सुकर

नवांशहर/जालंधर, शिरोमणी अकाली दल ने कहा कि इस जिले में आम आदमी पार्टी  ने बाढ़ से बचाव के लिए रेत एकत्र करने की आड़ में 20 करोड़ रुपए का अवैध रेत खनन रैकेट चलाया है, जिससे सतलुज नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होने के कारण 50 गांवों में बाढ़ आने की संभावना बढ़ गई है।

मलिकपुर गांव से वीडियो संबोधन के जरिए आम आदमी पार्टी के कुर्कमों को उजागर करते हुए अकाली नेता सुखदीप सिंह सुकर ने कहा कि ग्रामीणों ने उन्हें कैमरे पर सूचित किया कि बुधवार को साइट पर 600 से 700 टिप्पर ट्रक और  कई ट्रैक्टर- ट्राली चल रही थी। उन्होने कहा कि इकटठा की गई रेत को बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए अलग नही रखा जा रहा, बल्कि इसे 10 हजार रूपये प्रति टिपर ट्रक और 4500 रूपये प्रति ट्रैैक्टर ट्राॅली की दर से बेचा जा रहा है। उन्होने कहा कि कम से कम अनुमान के अनुसार भी प्रतिदिन 70 से 80 लाख रूपये की चोरी हो रही है। भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार को यह बताना चाहिए कि उसकी वरिष्ठ लीडरशीप को बाढ़ सुरक्षा कार्यों की आड़ में इस तरह अवैध पैसा  एकत्र करने की अनुमति क्यों दी जा रही है?

सुकर ने कहा कि बेगोवाल और लल्लेवाल गांवों सहित कई जगहों पर गैरकानूनी खनन हो रहा है, जिससे इन गांवों और कई अन्य गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, और जिससे नदी के तटबंधों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होने कहा,‘‘ यही कारण है कि ग्रमाीण आज खनन वाली जगह से ट्रकों को निकलने से रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।’’

अकाली नेता ने कहा कि लुधियाना जिले के रोड माजरी और धुलेवाल ब्लाॅक के गांवों के बीच खनन के लिए केवल 9 एकड़ जमीन आवंटित की गई, लेकिन कथित तौर पर सैंकड़ों एक़ड़ जमीन से रेत निकाली जा रही है। उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि ओवरलोड ट्रकों की लगातार आवाजाही के कारण कई स्थानों पर तटबंध 3 से 4 फीट तक धंस गया है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

यह पूछते हुए कि मौजूदा प्रशासन में इन गैरकानूनी गतिविधियों को संरक्षण कौन दे रहा है, स. सुकर ने कहा कि 18 मार्च को साइट का दौरा करने के दौरान इस मुददे को उठाने के बावजूद कोई कार्रवाई नही की गई। अकाली नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि  पंजाब सरकार ने बाढ़ की रोकथाम और नदी प्रवाह प्रबंधन के बहाने 30 जून के बाद रेत खनन की अनुमति देकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का उल्लंघन किया है।

सुकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि रेत परिवहन में लगे कई टिपर ट्रक बिना रजिस्ट्रेशन प्लेट के चल रहे थे। उन्होने जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) से जवाब मांगा और सार्वजनिक सड़कों पर ऐसे वाहनों को चलने की अनुमति देने के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होने जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की और अवैध खनन की स्वतंत्र जांच और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और कथित करोड़ों रूपये की रेत चोरी को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *