GYMKHANA CLUB ELECTION: अचीवर्स ग्रुप की क्लीन स्वीप, अमित कुकरेजा ने हासिल की बड़ी जीत

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नितिन कोहली की रणनीति को बड़ी कामयाबी, 12 साल पहले बनाया था अचीवर्स ग्रुप

एग्जीक्यूटिव पद भी 10 में से 8 मेंबर अचीवर्स ने जीते, प्रोग्रेसिव को मिली करारी हार

जालंधर: जालंधर जिमखाना क्लब-2026 के चुनाव आज संपन्न हुए। जिसमें अचीवर्स ग्रुप ने क्लीन स्वीप कर क्लब चुनाव में अपना कब्जा जमा लिया है। अचीवर्स ग्रुप ने सभी चारों सीटों पर जीत हासिल की। ऑनरेरी सैक्रेटरी के पद पर अचीवर्स ग्रुप की तरफ से अमित कुकरेजा ने बड़ी जीत हासिल की। अमित कुकरेजा ने कुल 2074 में से 1720 वोट हासिल किए, जोकि सबसे अधिक हैं। उनके प्रतिद्वंदी प्रोग्रेसिव ग्रुप के इंजीनियर विजय सहदेव सिर्फ 354 वोट ही मिले।

इनके अलावा जूनियर वाइस प्रेजीडेंट के पद पर अचीवर्स ग्रुप के धीरज सेठ ने 1,549 वोट प्राप्त किए और 486 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर हरप्रीत सिंह ‘गोल्डी’ निर्विरोध चुने गए। विरोधी उम्मीदवार अनु माटा ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए नामांकन वापस ले लिया था। इसी तरह अचीवर्स ग्रुप की तरफ से ट्रेजर्र पद पर सौरभ खुल्लर ने 1,569 वोट हासिल करते हुए 508 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर अचीवर्स ग्रुप की क्लीन स्वीप को पूरा किया।

इन 10 एग्जीक्यूटिव को मिली जीत

16 एग्जीक्यूटिव मेंबर्स की जंग में पहले 10 में भी 8 एग्जीक्यूटिव अचीवर्स ग्रुप की ही जीत हासिल कर पाए हैं, जबकि प्रोग्रेसिव ग्रुप से सिर्फ दो मेंबर प्रो. विपन कुमार झांजी और शालीन जोशी ही जी पाए।

  1. प्रो. विपन झांजी – 1,306 वोट
  2. शालिनी कालरा – 1,189 वोट
  3. नितिन बहल – 1,082 वोट
  4. जुबिन शंगारी – 1,068 वोट
  5. शालीन जोशी – 1,029 वोट
  6. मोहिंदर सिंह – 1,024 वोट
  7. अतुल तलवार – 999 वोट
  8. विन्नी शर्मा धवन – 998 वोट
  9. एम.बी. बाली – 947 वोट
  10. सी.ए. राजीव बंसल – 927 वोट

प्रोग्रेसिव ग्रुप की शर्मनाक हार

क्लब की परंपरागत चुनावी लड़ाई अचीवर्स ग्रुप और प्रोग्रेसिव ग्रुप के बीच रही, लेकिन इस बार नतीजे पूरी तरह अचीवर्स ग्रुप के पक्ष में गए। ग्रुप बनने से लेकर जीतने तक प्रोग्रेसिव ग्रुप की परफार्मेंस बहुत ही खराब और शर्मनाक रही। यह ग्रुप की सबसे खराब हार है। प्रोग्रेसिव ग्रुप की आधार ही शुरू से लड़खड़ाया रहा। पहले सेक्रेटरी पद प्रो.विपन झांजी को उतारा गया, लेकिन वह बीच में ही छोड़ गए। इसके बाद उनकी जगह पर इंजीनियर विजय सहदेव को उतारा गया था, जो बहुत ही कमजोर उम्मीदवार साबित हुए। इसी ग्रुप के ट्रेजर्र पद पर खड़े मेजर गुरप्रीत सिंह कोछड़ भी बीच में मैदान छोड़ गए और उनकी जगह पर उनके भतीजे को उतारा गया।

अचीवर्स ग्रुप की जीत सामूहिक मेहनत का परिणामः कोहली

चुनाव परिणाम के बाद नितिन कोहली ने कहा कि उन्होंने 12 वर्ष पहले अचीवर्स ग्रुप की नींव क्लब के सदस्यों को एकजुट मंच देने के उद्देश्य से रखी थी। उनके अनुसार, टीम ने लगातार क्लब के विकास, सदस्यों के हितों और बेहतर सुविधाओं के लिए काम किया है और यह जीत उसी सामूहिक मेहनत का परिणाम है। गौरतलब है कि 1958 में स्थापित जालंधर जिमखाना क्लब जालंधर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाओं में से एक है और यहां 4000 से अधिक सदस्य हैं, ऐसे में चारों प्रमुख पदों पर अचीवर्स ग्रुप की जीत को शहर के सामाजिक और संगठनात्मक हलकों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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