जालंधर। प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी रविवार को श्री गुरु रविदास जी महाराज के गुरुपर्व पर धार्मिक स्थल डेरा बल्लां पहुंचे। यहां उन्होंने गद्दीनशीन संत निरंजन दास जी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और संगतों को पंजाबी में भाषण की शुरुआत कर संबोधित किया।
मोदी ने कहा कि मेरा रिश्ता संत रविदास जी की जन्मभूमि काशी से है। मैं पंजाब की धरती को नमन करता हूं। काशी ने मुझे सेवा का मौका दिया। काशी के उन घाटों को मैंने छुआ है, जहां गुरु रविदास ने शिक्षा ली। यहीं से संत रविदास ने कहा था- मन चंगा तां कठौती च गंगा।

उन्होंने 33 मिनट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री गुरु रविदास की वाणी से 3 श्लोक पढ़े। काशी (वाराणसी), मध्यप्रदेश और पंजाब में संत रविदास की सेवा करने की बात दोहराई। रविदासिया समाज के साथ वाल्मीकि समाज को भी साधा। वाल्मीकि समाज को साधने के लिए अयोध्या के एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर करने की बात बताई।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने बेगमपुरा बसाने की कल्पना की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा शहर होना चाहिए जहां कोई दुखी न हो, कोई वंचित न हो। मुझे संतोष है कि आजादी के इतने वक्त बाद देश अब मिशन मोड में संत रविदास के विचारों को लागू करने का काम कर रहा है। विकसित भारत संत रविदास जी के विचार से निकला है। हमें विश्वास है कि संत रविदास महाराज के आशीर्वाद से हम विकसित भारत के मिशन को पाकर रहेंगे।

संत श्री पीपल दास जी, संत श्री श्रवण दास जी के चलते गुरु रविदास के विचार जन-जन तक पहुंचे। मैं उन सब गुरुओं को भी प्रणाम करता हूं। समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े कार्य डेरा करता है। समजासेवा के कई काम संत निरंजन दास की अगुआई में आगे बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए उन्हें हमारी सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया है।
पीएम मोदी ने आज पेश हुए बजट में पंजाब को मिले लाभ का जिक्र किया। साथ ही यूरोपीय यूनियन के साथ हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि अब पंजाब में बने कपड़े और सामान यूरोप के बाजारों में बिकेगा। उन्होंने कहा कि जालंधर की स्पोर्टस इंड़स्टरी को भी बड़ा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने रविदास समाज की मांग को मानते हुए आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज एयरपोर्ट रखने का उद्घाटन किया। इसके बाद लुधियाना के हलवारा स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया।


