Bathinda Farmers March : किसानों का बठिंडा कूच नाकाम Bathinda Farmers March: Farmers’ march to Bathinda fails, sit-in on Chandigarh Highway

आज की ताजा खबर
Spread the love

रामपुराफूल से पहले बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर बैठ गए

करीब आधे घंटे से अधिक समय तक हाईवे पर बैठे रहे

बठिंडा से चंडीगढ़ की ओर जाने वाला ट्रैफिक प्रभावित

यातायात को गांवों के वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया

इस कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

जेल में बंद बलदेव सिंह और शगनदीप सिंह की रिहाई

पंजाब डेस्क

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में बठिंडा की ओर निकाले गए किसान मार्च को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। किसान डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय के बाहर धरना देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस बैरिकेडिंग के कारण वे रामपुराफूल से पहले बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर बैठ गए और वहीं अपनी मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक किसान हाईवे पर बैठे रहे, जिससे बठिंडा से चंडीगढ़ की ओर जाने वाला ट्रैफिक प्रभावित हुआ। प्रशासन ने यातायात को गांवों के वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया। धरना हटाने के दौरान पुलिस कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। किसानों की मुख्य मांग जेल में बंद उनके दो साथियों बलदेव सिंह (गांव चाओके) और शगनदीप सिंह (गांव जियोंद) की तत्काल रिहाई है। दोनों 9 महीने से अधिक समय से जेल में हैं।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी किसानों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इसी दौरान बठिंडा की ओर आ रहे किसानों के साथ पटियाला के समाना क्षेत्र में पुलिस की झड़प हुई, जिसके बाद कई किसानों को डिटेन कर लिया गया। वहीं संगरूर जिले के गांव शेरों में भी किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की खबर है, जहां से भी कुछ किसानों को हिरासत में लिया गया।

थाने के बाहर हुआ था ये प्रदर्शन

यह विवाद बठिंडा के गांव चाओके स्थित आदर्श स्कूल से जुड़ा है। स्कूल प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले कुछ शिक्षकों को हटाया गया था। हटाए गए शिक्षकों ने स्कूल के बाहर धरना शुरू किया, जो एक सप्ताह से अधिक चला। बाद में किसान संगठनों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया। इसके बाद शिक्षकों और किसानों की रिहाई की मांग को लेकर थाने के बाहर प्रदर्शन हुआ, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में एक DSP की बाजू टूटने की घटना सामने आई।

हर बार प्रशासन से मिला आश्वासन

पुलिस ने 3 दर्जन से अधिक किसानों व शिक्षकों को गिरफ्तार किया। कुछ को जमानत मिल चुकी है, जबकि बाकी की रिहाई को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि बलदेव सिंह और शगनदीप सिंह की रिहाई के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन किए गए, लेकिन हर बार प्रशासन ने आश्वासन देकर मामला टाल दिया। गौरतलब है कि 6 फरवरी को DC कार्यालय के पास किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *