सिख युवक के ‘झूठे पुलिस मुकाबले’ ने पंजाब के काले दिनों की याद दिला दी : मजीठिया
मुख्यमंत्री, कार्यकारी डीजीपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग
ब्यूरो. शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आज गुरदासपुर जिले में आदिया पुलिस पोस्ट में शहीद हुए एएसआई गुरनाम सिंह के घर पहुंचे बिक्रम मजीठिया ने उनके परिवार के साथ संवेदना प्रकट की। इसके बाद गांव आदिया में झूठे पुलिस मुकाबले मारे गए रणजीत सिंह के घर पहुंचे, जिसे कल गुरदासपुर पुलिस कर्मचारियों के मर्डर केस में आरोपी बनाकर पंजाब पुलिस ने फेक पुलिस एनकाउंटर में मार डाला था। परिवार के साथ गहरा दुख जताते हुए, मजीठिया ने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि पंजाब के सिख युवक के ‘झूठे पुलिस मुकाबले’ ने पंजाब के काले दिनों की याद दिला दी है।

मजीठिया ने आरोप लगाया कि दिल्ली वालों के इशारे पर पंजाब के युवाओं का ‘नरसंहार’ किया जा रहा है, जिससे पूरे पंजाब में डर और दहशत का माहौल बन गया है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के एक्टिंग डीजीपी गौरव यादव के खिलाफ सेक्शन 302 के तहत मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के गृह मंत्री होने के नाते भगवंत मान और पुलिस चीफ होने के नाते गौरव यादव इस बेगुनाह नौजवान की हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इस हत्या और फर्जी पुलिस एनकाउंटर की CBI जांच होनी चाहिए, ताकि इस फर्जी पुलिस एनकाउंटर का सच सामने आ सके। यह भी पता चले कि किसके कहने पर और क्यों इस तरह हत्या की साजिश रची गई।

पुलिस भी बार-बार बदल रही अपनी थ्योरी
उन्होंने कहा कि यह मामला पहले दिन से ही संदेह के दायरे में था क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत ने दो पुलिसवालों की हत्या के मामले में पहले दिन ही गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया था कि दोनों पुलिसवाले झगड़े के दौरान मारे गए, जबकि पुलिस भी बार-बार अपनी थ्योरी बदल रही थी। उन्होंने कहा कि पुलिसवालों की हत्या की ज़िम्मेदारी एक गैंगस्टर ग्रुप ने ली थी, लेकिन पुलिस ने इसकी जांच करने के बजाय, अपनी नाकाबिलियत छिपाने के लिए या किसी तरह के राजनीतिक दबाव में आकर, एक नकली पुलिस एनकाउंटर करके एक बेगुनाह नौजवान को मार डाला?, जिसकी शिरोमणि अकाली दल कड़ी निंदा करता है और परिवार को इंसाफ़ दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेगा।
पुलिस बता रही मनगढंत कहानियां
उन्होंने कहा कि इससे पहले मोहाली में एक एनकाउंटर के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि “कोहरे की वजह से गाड़ी पलट गई थी और आरोपी भाग रहा था, इसलिए एनकाउंटर करना पड़ा और इस मामले में भी पुलिस वही मनगढ़ंत कहानी बता रही है। उन्होंने कहा कि मारे गए पुलिसवालों के असली गुनहगारों को पकड़कर सज़ा मिलनी चाहिए, न कि इस तरह हमारे नौजवानों को नकली पुलिस एनकाउंटर में मारा जाए।
नकली पुलिस एनकाउंटर में इंसाफ को आगे आएं पंजाबी
उन्होंने विश्व भर के पंजाबी भाईचारे से अपील कि पूरे पंजाब और दुनिया भर में बैठे पंजाबियों को इस नकली पुलिस एनकाउंटर में इंसाफ़ मांगने के लिए आगे आना चाहिए ओर भगवंत मान ओर दिल्ली के इसके आकाओं से पंजाब में हो रहे नकली पुलिस मुकाबलों पर सवाल पूछने चाहिए ताकि सरकार या पुलिस हमारे छोटे छोटे बच्चों,नौजवानों को पुराने दौर जो 1980 के बाद शुरू हुआ था की तरह किसी झूठे केस में फंसाने और नकली पुलिस एनकाउंटर करने की कोशिश न कर सके।

