जालंधर | जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह कामाख्या एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला ने चलती ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दिया। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही रेलवे पुलिस (GRP), आरपीएफ और रेलवे स्टाफ की त्वरित कार्रवाई से मां और नवजात दोनों को सुरक्षित बचा लिया गया।
यह घटना सुबह करीब 10 बजे की है, जब कामाख्या एक्सप्रेस जालंधर कैंट स्टेशन पर रुकी। ट्रेन के कोच नंबर बी-5 में यात्रा कर रही महिला पुनीता देवी, अपने पति राज कुमार और दो छोटे बच्चों के साथ श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा से कप्तानगंज (उत्तर प्रदेश) जा रही थी। यात्रा के दौरान अचानक महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई और ट्रेन में ही उसकी डिलीवरी हो गई।
GRP और स्टाफ ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर नियमित चेकिंग ड्यूटी पर तैनात जीआरपी एएसआई अशोक कुमार, एएसआई राजविंदर सिंह, एएसआई आस मोहम्मद और लेडी सिपाही सुरेखा रानी तुरंत मौके पर पहुंचे। रेलवे के डॉक्टर को तत्काल बुलाया गया और पूरी सूझबूझ के साथ महिला, उसके पति और बच्चों को सुरक्षित ट्रेन से नीचे उतारा गया।
प्लेटफॉर्म पर ही जच्चा और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की जटिलता से बचाव हो सका। बाद में एम्बुलेंस की व्यवस्था कर महिला और नवजात को बेहतर इलाज के लिए सिविल अस्पताल जालंधर भेजा गया।
अस्पताल में हालत स्थिर
सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने मां और नवजात दोनों की जांच की और उनकी हालत को पूरी तरह स्थिर बताया। रेलवे पुलिस और आरपीएफ की तत्परता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई।
यात्रियों ने की सराहना
इस घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और आम लोगों ने रेलवे पुलिस, आरपीएफ और स्टाफ की प्रशंसा की। समय पर की गई मानवीय और जिम्मेदार कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि आपात परिस्थितियों में रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहते हुए सेवा भाव से कार्य करता है।


