टोल प्लाजा से लेकर टैक्स और बैंकिंग तक कई नियम बदल जाएंगे
31 मार्च रात 12 बजे कई जरूरी कामों की डेडलाइन खत्म हो रही
टोल टैक्स चुकाने के लिए केवल FASTag या UPI का ही इस्तेमाल
हर माह की तरह 1 अप्रैल को गैस सिलेंडर व फ्यूल कीमतें बदलेंगी
नई दिल्ली
1 अप्रैल से देशभर में कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। टोल प्लाजा से लेकर टैक्स और बैंकिंग तक कई नियम बदल जाएंगे। इसके साथ ही 31 मार्च रात 12 बजे कई जरूरी कामों की डेडलाइन भी खत्म हो रही है।
टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस
अब देश के सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद हो जाएगा। अब टोल टैक्स चुकाने के लिए केवल FASTag या UPI का ही इस्तेमाल करना होगा। नकद भुगतान बंद होने से बिना डिजिटल पेमेंट के वाहनों को जुर्माना जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
टैक्स सेविंग का आखिरी मौका खत्म
टैक्स सेविंग के लिहाज से भी 31 मार्च आखिरी तारीख थी। धारा 80C और 80D में निवेश कर टैक्स बचाने का मौका खत्म हो गया है। 1 अप्रैल के बाद किया कोई निवेश अगले वित्त वर्ष में गिना जाएगा, जिससे इस साल की टैक्स प्लानिंग पर असर पड़ेगा।
PPF, NPS और सुकन्या अकाउंट
PPF, NPS और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं में खाता सक्रिय बनाए रखने के लिए हर साल न्यूनतम राशि जमा करना जरूरी है। अगर निवेशक ऐसा नहीं करते हैं तो उनका अकाउंट निष्क्रिय हो सकता है और उसे दोबारा चालू कराने के लिए पेनाल्टी देनी पड़ेगी।
सैलरी क्लास के लिए TDS का असर
सैलरी क्लास के कर्मचारियों के लिए TDS से जुड़ा असर भी देखने को मिलेगा। अगर उन्होंने समय पर निवेश के प्रमाण जमा नहीं किए हैं, तो कंपनियां ज्यादा टैक्स काट सकती हैं। बाद में इस अतिरिक्त टैक्स को वापस पाने के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा।
रेलवे नियम व बैंकिंग सेवा में बदलाव
रेलवे नियमों में भी बदलाव की संभावना है, जिसमें टिकट बुकिंग, रिफंड और चार्जेस से जुड़े नियम शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा बैंकिंग सेवाओं में मिनिमम बैलेंस, चार्जेस और अन्य फीस में बदलाव हो सकता है, जिससे ग्राहकों की जेब पर असर पड़ेगा।
LPG, CNG और PNG की कीमतें
हर महीने की तरह 1 अप्रैल को गैस सिलेंडर और फ्यूल की कीमतों में बदलाव हो सकता है। कुछ बैंकों के क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम जैसे रिवॉर्ड प्वाइंट, फीस और लिमिट में बदलाव हो सकता है, जिससे कार्ड यूजर्स को नई शर्तों के अनुसार प्लानिंग करनी होगी।

