बांके बिहारी के दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के लिए शुक्रवार की सुबह काल बनकर आई
मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी पार करते समय एक नाव संतुलन बिगड़ने से पलट गई
जो परिवार खुशियां मनाने घर से निकला था, वह चंद पलों में ही पूरी तरह तबाह हो गया
मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा
लुधियाना
लुधियाना के जगराओं से वृंदावन की पावन धरा पर बांके बिहारी के दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के लिए शुक्रवार की सुबह काल बनकर आई। इस हादसे में सबसे ज्यादा चोट जगराओं के एक ही परिवार को लगी है, जिसने अपने 7 सदस्यों को हमेशा के लिए खो दिया। जो परिवार एक साथ खुशियां मनाने के लिए घर से निकला था, वह चंद पलों में पूरी तरह तबाह हो गया। वहीं इस हादसे पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिवार के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है। पीएम ने मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। बता दें कि मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी पार करते समय एक नाव अचानक संतुलन बिगड़ने से पलट गई, जिसमें डूबने से 10 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई।
दो बसों से निकले थे श्रद्धालु
जानकारी के मुताबिक जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की 4 दिवसीय विशेष यात्रा के लिए दो बसों में 130 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ था। इनमें से 90 श्रद्धालु अकेले जगराओं शहर से थे, जबकि बाकी अन्य शहरों के निवासी थे। मृतकों की पहचान इशान कटारिया, करोरी, कविता बहल पत्नी विजय कुमार, मधुर बहल पुत्र विजय कुमार, प्रिंसी पुत्री चरनजीत, चरनजीत, आशा रानी पत्नी अर्जुन दास मीणा, मीनू, राकेश गुलाटी और अंजू गुलाटी पत्नी राकेश गुलाटी के रुप में हुई है।
वायरल हुआ आखिरी वीडियो
हादसे से ठीक पहले का एक कथित वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में सभी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ ‘राधे-राधे’ का जाप करते हुए यमुना की लहरों का आनंद लेते दिख रहे हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किसी भी श्रद्धालु ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, जिसे सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। मरने वालों में मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा जैसे करीबी रिश्ते शामिल थे।

