जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 लागू
बेअदबी के लिए जिम्मेदार अपराधी को उम्रकैद की सजा भुगतनी पड़ेगी
अगर विपक्ष की नीयत साफ होती तो बेअदबी की घटनाएं बंद हो गई होती
ये ताकतें जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली की दुश्मन हैं
चुनाव में लोगों के पास तीन कलमों में से कोई एक चुनने का विकल्प होगा
चंडीगढ़ :
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर जिले के दसूहा हलके के घोगरा में लोक मिलनी में विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए एलान किया कि जब तक आम आदमी पार्टी (आप) सत्ता में है, महिलाओं को उनकी सम्मान राशि और सूबे में मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी रूप से व्यवस्था कर दी है क्योंकि बेअदबी के अपराधी को अब उम्रकैद की सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष की नीयत साफ होती तो बहुत पहले बेअदबी की घटनाओं का होना बंद हो सकता था।
लोगों की भलाई की परवाह नहीं की
पंजाब को नशों में डुबोने के लिए अकाली दल और सूबे को बदनाम करने के लिए हर रोज झूठा प्रचार करने वाली सभी विपक्षी पार्टियों पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार और पहले आई सरकारों में एक ही फर्क है कि अब लोगों का पैसा लोगों के पास जाता है, पहले की तरह नेताओं की जेबों में नहीं जाता। उन्होंने आगे कहा, “परंपरागत पार्टियों ने हमेशा लोगों को अपना वोट बैंक समझा है और कभी उनकी भलाई की परवाह नहीं की, और वे हजम नहीं कर पा रहे हैं, जिस कारण मेरे खिलाफ निराधार प्रचार कर रहे हैं।”
पंजाब के द्रोही झूठा प्रचार कर रहे
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सूबे की बेमिसाल तरक्की और खुशहाली से ईष्या करते हुए पंजाब के द्रोही बुरी नीयत से मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। ये ताकतें जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली की दुश्मन हैं, अब मुझे बेहूदा मुद्दों पर बदनाम करने के लिए निचले स्तर पर गिर चुकी हैं। मेरा जीवन एक खुली किताब है क्योंकि मैंने अपना सारा जीवन पंजाब और पंजाबियों की भलाई को समर्पित किया है और इस नेक काम के लिए सख्त प्रयास कर रहा हूं।”
बेअदबी का अंत दर्शाता अधिनियम
विधायी कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम भाग्यशाली हैं कि परमात्मा ने हमें सर्वसम्मति से जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए सख्त सजा निर्धारित की गई है। यह अधिनियम भविष्य में बेअदबी के अंत को दर्शाता है क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी कभी भी ऐसे जघन्य अपराध में शामिल होने की हिम्मत नहीं करेगा।”
3 में से 1 कलम चुनाव का विकल्प
उन्होंने आगे कहा कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में लोगों के पास तीन कलमों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा। मुख्यमंत्री मान ने कहा, “पहली कलम लाल स्याही वाली कांग्रेस की कलम है, जो श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के दंगों और अन्य सिख विरोधी तथा पंजाब विरोधी स्टैंडों की प्रतीक है। दूसरी कलम अकालियों की है जिसके पास सिर्फ एक स्याही है, जिसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की। तीसरी कलम ‘आप’ पार्टी की है जो हर दिन मार्गदर्शक पहलों से पंजाब को रंगला पंजाब बना रही है।”
65,000 से अधिक नौकरियां दीं
प्रशासन की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों के टैक्स का पैसा सूबे का है और हम इसे समझदारी से लोगों की भलाई पर खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है। हमने 90 फीसद घर-परिवारों को मुफ्त बिजली प्रदान की, भ्रष्टाचार के बिना युवाओं को 65,000 से अधिक नौकरियां दीं, मजबूत सड़कें बनाईं, टोल प्लाजा बंद किए, जिससे प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हुई है, और ठोस बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं।
65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं और हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही सेहत कार्ड बनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इस योजना के तहत अब तक 1.65 लाख लोगों ने मुफ्त इलाज की सुविधा हासिल की है और मैं लोगों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।”
दिन के समय बिजली मिल रही है
उन्होंने आगे कहा, “सूबे के इतिहास में यह पहली बार है कि धान के सीजन के दौरान खेतों के लिए ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली की सप्लाई दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।” उन्होंने आगे कहा, “जिस समय हम सत्ता में आए, उस समय सूबे में सिंचाई के उद्देश्यों के लिए सिर्फ 22 फीसद नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था।”
मांवां धीयां सतिकार योजना के पैसे
समाज सुधार पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायत वाले कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस जाल से बाहर निकाल सकती है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके दुनिया को रोशन करती है और इसीलिए इस पर विशेष जोर दे रहे हैं।” मांवां धीयां सतिकार योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 रु और 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को 1500 रु दिए जा रहे हैं।”


