रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर साइन किए
मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल की आयात पर निर्भरता कम करना
ऑटो मोबाइल सेक्टर गाड़ियां बाजार में उतारने को तैयार
पेट्रोल के मुकाबले सस्ता व टिकाऊ विकल्प बनकर उभरेगा
नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने देश में 100 फीसदी शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस फैसले से जुड़े नियमों और रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर साइन कर दिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल की आयात पर निर्भरता कम करना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से हो रहे प्रदूषण को रोकना है।
बड़ी कंपनियां बनाएंगी गाड़ियां
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि देश के ऑटो मोबाइल सेक्टर ने इस बदलाव को स्वीकार कर लिया है और कई बड़ी कंपनियां शुद्ध 100 फीसदी से चलने वाली गाड़ियां बाजार में उतारने के लिए तैयार हैं। टोयोटा , सुजुकी, MG और हुंडई सहित अन्य कंपनियां अगले 6 हफ्तों के भीतर अपने ऐसे नए मॉडल्स भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही हैं जो पूरी तरह इथेनॉल पर चलेंगे।
महंगे पेट्रोल से मिलेगी राहत
नितिन गडकरी ने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल के मुकाबले किफायती और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर सकता है। भारत अभी अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट करके पूरा करता है, जिससे देश के खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ता है। इथेनॉल के आने से न सिर्फ आम जनता को महंगे पेट्रोल से राहत मिलेगी, बल्कि भारत का भारी-भरकम ईंधन आयात बिल भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
जानिए क्या होता है इथेनॉल
इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है।


