9 साल बाद भी नहीं मिल पाएगी राहत, लोगों ने छोड़ी आस
माता चिंतपूर्णी के भक्तों और होशियारपुर जाने वाले राहगीरों के लिए बुरी खबर है। फिल्हाल उनकी परेशानी कम होती नजर नहीं आ रही है। केंद्र सरकार ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। 10 साल बाद भी लोगों के हाथ खाली हैं।
हम बात कर रहे हैं नेशनल हाइवे-3 पर अटके अधूरे आदमपुर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की। जिसे केंद्र सरकार ने पूरी तरह से बंद कर दिया है। अब यह फ्लाईओवर नहीं बनेगा। 10 साल पहले शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की फाइल को पक्के तौर पर बंद कर दिया गया है।
कारण बताया गया ₹59 करोड़ के ज़मीन अधिग्रहण घोटाले को। जिसकी जांच विजिलेंस ब्यूरो ने की। पंजाब सरकार भी इस प्रोजेक्ट को बचा नहीं पाई। हालांकि इस प्रोजेक्ट को कंप्लीट करवाने का आम आदमी पार्टी की सरकार दावा करती आ रही थी।
नैशनल हाईवे-3 पर 2016 में लगभग 130 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले आदमपुर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को मूल रूप से आदमपुर एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। जिसे दो साल के निर्धारित समय यानी 2018 अंत तक कंप्लीट किया जाना था।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) और ठेकेदारों को निर्माण पूरा करने के लिए मजबूर करने के लिए मई 2025 में जालंधर में स्थायी लोक अदालत में एक याचिका दायर की गई थी।
यह याचिका स्थानीय वकील मयंक रानौत ने अपने वकीलों एडवोकेट विक्रम दत्ता और एडवोकेट तरन्नुम रानौत के ज़रिए दायर की है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि यह देरी सिर्फ़ एक प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। खासकर ये संविधान के अनुच्छेद 21 और 19(1)(d) के तहत गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार और आवाजाही की स्वतंत्रता के उल्लंघन का मामला है।
प्रोजेक्ट की डिटेल एक नजर में
प्रोजेक्ट की लागत – 4-लेन आदमपुर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को लगभग ₹130 करोड़ के बजट को मंजूर किया गया था।
लंबाई – इस फ्लाईओवर की कुल लंबाई लगभग 2.1 किलोमीटर (2100 मीटर) और चौड़ाई लगभग 21 मीटर निर्धारित की गई थी।
शुरू और पूरा होने की डेडलाइन – इस प्रोजेक्ट को साल 2016 में शुरू किया गया था और इसे दो साल की अवधि यानी 2018 में खत्म किया जाना था। प्रोजेक्ट में कई खामियों के कारण काम अधूरा रहा और अब इसे बंद कर दिया गया है।
स्थिति अब तक
प्रोजेक्ट शुरू होने के लगभग 9 वर्षों बाद भी अधूरा है। जिसमें 2020 के आखिर तक सिर्फ़ लगभग 20% काम पूरा हुआ था। 2022 में प्रशासन द्वारा ज़मीन अधिग्रहण और 120 से ज़्यादा अतिक्रमण हटाने के बावजूद, ज़मीनी स्तर पर प्रोजेक्ट में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इससे आवागमन व ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है। फ्लाईओवर के काम के रुकने के कारण स्थानीय लोगों, ड्राइवरों और यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र ने बंद किया आदमपुर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट – पवन कुमार टीनू

प्रोजेक्ट शुरू करवाने वाले आदमपुर के पूर्व विधायक और आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता पवन कुमार टीनू ने इस प्रोजेक्ट के बंद होने का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट में घोटाला होने का हवाला देते हुए प्रोजेक्ट की फाइल बंद कर दी है। अब नए सिरे से इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करवानी होगी। जिसके लिए उनकी सरकार प्रयास कर रही है।
उन्होंने इस प्रोजेक्ट की इस हालत के लिए उस समय की कांग्रेस सरकार को कारण बताया। आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी स्वार्थ के लिए इस प्रोजेक्ट को कंप्लीट नहीं होने दिया। जिसके कारण ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया और प्रोजेक्ट एक दशक से लटका हुआ है।
सुशील रिंकू के दावे भी रहे खोखले

कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी से सांसद का उप चुनाव लड़कर सांसद बने सुशील कुमार रिंकू भी इस प्रोजेक्ट को कंप्लीट करवाने और सड़क बनवाने में नाकाम रहे। उनके लोगों को राहत दिलाने का दावे भी खोखले साबित हुए। वह 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ही पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। वह चुनाव जीत नहीं पाए और प्रोजेक्ट भी अधर में ही लटका रहा।


