
पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबरॉय की हत्या की जिम्मेदारी शेरू ग्रुप की तरफ से ली गई है। शेरू ग्रुप के जस्स बुट्टर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए यह दावा किया है। हत्या का कारण खालसा कालेज की प्रधानगी को लेकर सामने आ रहा है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ रही है, जिसमें सफेद एक्टिवा पर दो लोग दिखाई दे रहे हैं। उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए जस्स बुट्टर ने पोस्ट शेयर कर लिखा-जब हमने खालसा कॉलेज जालंधर का प्रधान लगाया था, तो सबको बता कर लगाया था। आज कुछ लोग उठकर बोलने लगे हैं कि प्रधानगी वापस ले ली जाए। खालसा कॉलेज जालंधर में शेरू ग्रुप से प्रधान लगाया जाता है। सरदार नछत्तर सिंह बेई की ओर से हर साल प्रधान तय किया जाता है। इसके बाद सभी लोग शेरू ग्रुप से सलाह करके प्रधान का नाम जारी करते हैं।

टारगेट किलिंग का शक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस को मामला टारगेट किलिंग का लग रहा है। क्योंकि लक्की को गोलियां मरवाने से पहले रेकी की गई है और दुश्मनी खालसा कालेज की प्रधानगी को लेकर पुरानी चल रही है। पोस्ट में 2020 से लेकर 2024 का जिक्र किया गया है। वहीं, सीसीटीवी खंगालने के बाद पुलिस को एक फुटेज हाथ लगी है। इस फुटेज में सफेट एक्टिवा सवार बदमाश की फोटो सामने आई है।
8 गोलियां छाती व एक गोली मुंह पर मारी
लक्की ओबरॉय की सुबह 7.15 बजे गुरुद्वारा मॉडल टाउन के बाहर उस समय गोलियां माकर हत्या कर दी गई, जब वह माथा टेककर अपनी थार गाड़ी में बैठने लगे थे। 52 साल के ओबरॉय को दो स्कूटी सवार युवकों ने 10-12 राउंड फायर कर गोलियां मारीं। श्रीराम अस्पताल के डॉ. विशाल ने बताया कि ओबरॉय जब अस्पताल पहुंचे तो उनकी सांस बंद थी और सीने में 8 गोलियां और एक गोली मुंह पर गली थी। उसे सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की गई, लेकिन दिल का दौरा रुकने से मौत हो गई।

