जिमखाना चुनाव-2026: चुनाव में व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप शुरू, प्रो. झांजी को दी सुमित शर्मा ने नसीहत

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सुमित ने प्रो. झांजी को चेताया, गलत तथ्य पेश न करें, मेरे पास सबूत हैं

अचीवर्स ग्रुप से सीए राजीव बांसल ने किया पहला नामांकन

जालंधर: जिमखाना क्लब चुनाव धीरे-धीरे अपने चरम की तरफ बढ़ने लगा है। अब आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। कल प्रोग्रेसिव ग्रुप के उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान सेक्रेटरी पद के उम्मीदवार प्रो. विपन झांजी पर असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगने लगे हैं। जिसके बाद क्लब के पूर्व एग्जीक्यूटिव मैंबर सुमित शर्मा ने प्रो. झांजी को नसीहत दे डाली है। उन्होंने कहा कि प्रो. झांजी को अपनी भाषा पर कंट्रोल होना चाहिए। उनको खेल और चुनाव की भावना से आगे बढ़ना चाहिए। बता दें कि प्रो. झांजी ने क्लब के दूसरे ग्रुप के कुछ लोगों पर तानाशाही का आरोप लगाया था। कहा था कि उनके कहने पर चुनाव होंगे या नहीं होंगे, वह तय नहीं कर सकते हैं।

प्रो. झांजी के तानाशाही वाले बयान पर भड़के सुमित शर्मा ने कहा कि कुछ सम्मानित व्यक्तियों के बारे में कथित तौर पर अनुचित एवं असम्मानजनक भाषा के इस्तेमाल पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जिमखाना चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इसमें व्यक्तिगत हमलों अथवा तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के बजाय नेतृत्व, विजन, सेवा और खेल भावना को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

मेरे पास सबूत हैं, प्रो. झांजी खुद सच्चाई जानते हैं

सुमित शर्मा ने कहा कि प्रोफेसर झांजी खुद अपने दिल में सच्चाई जानते हैं। कोई भी व्यक्ति आपके पास किसी सुझाव या दबाव के साथ नहीं आया था। बल्कि आपने स्वयं मुझसे अपना संदेश संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कहा था। यह बात आपके सार्वजनिक बयान से पूरी तरह विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास तथ्य और प्रमाण भी मौजूद हैं। उनके अनुसार, संबंधित मौके पर प्रोफेसर साहब की तस्वीर दो बार ली गई थी, जो पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

तथ्यों को तोड़ मरोड़ के पेश करना गलत

सुमित शर्मा ने कहा कि चुनावी लाभ के लिए तथ्यों को अलग तरीके से प्रस्तुत करना न तो उचित है और न ही जिमखाना जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की गरिमा के अनुरूप। उन्होंने कहा कि विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक अथवा चुनावी प्रतिस्पर्धा के नाम पर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, सम्मान और चरित्र को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिमखाना चुनावों में उम्मीदवारों को अपने विजन, नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और क्लब के प्रति सेवा के एजेंडे पर जनता का विश्वास जीतना चाहिए। व्यक्तिगत हमलों और तथ्यों की गलत व्याख्या से चुनाव का स्तर ऊंचा नहीं होता, बल्कि संस्था की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।

चुनाव में आगे आएगा आचरण

सुमित शर्मा ने सभी उम्मीदवारों और सदस्यों से अपील की कि वे नकारात्मकता से ऊपर उठकर सम्मान, निष्पक्षता, ईमानदारी और खेल भावना के उच्च मानदंड स्थापित करें। उन्होंने कहा कि आज हमारा आचरण ही तय करेगा कि जिमखाना चुनाव किस स्तर की लोकतांत्रिक और खेल भावना का उदाहरण बनते हैं। आइए, व्यक्तिगत कटुता से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सम्मान और संस्था की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

सीए बांसल ने किया पहला नामांकन

30 अगस्त को होने वाले चुनाव के लिए तीसरे दिन पहला नामांकन हो गया है। अचीवर्स ग्रुप की तरफ से चुनाव लड़ रहे एग्जीक्यूटिव मैंबर के पद के लिए सीए राजीव बांसल ने अपना नोमिनेशन कर दिया है। जबकि उनके ग्रुप की तरफ से बाकी किसी सदस्य ने नामांकन नहीं किया है। बता दें कि उम्मीदवार 22 अगस्त तक नामांकन कर सकते हैं।

 

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